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परमेश्वर को ग्रहण करने का अर्थ है, उसके नाम पर विश्वास करना।(यूह 1:12) हम, सिय्योन के सब परिवार, पहले से परमेश्वर के नामों को जानते हैं पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम। हम ने नया नाम लेकर आए मसीह को ग्रहण किया है, और हम उसके गवाह बने हैं जो साक्षी देते हैं कि नया नाम पवित्र आत्मा के युग का उद्धारकर्ता है। और हम नए नाम से प्रार्थना करते और नए नाम की स्तुति करते हैं, और हमने नए नाम के द्वारा उद्धार पाया है। परमेश्वर का नाम आत्मिक संसार में अपार सामर्थ्य प्रकट करता है। आइए हम बाइबल की शिक्षा के द्वारा जानें कि नया नाम जो पवित्र आत्मा के युग के उद्धारकर्ता के रूप में इस धरती पर आया और नई यरूशलेम माता के नाम का मूल्य क...
नई वाचा के सेवकों के यत्नपूर्वक वचन का प्रचार करने के द्वारा, अब सारे क्षेत्रों में और विदेशों में, नये परिवार, सत्य को ढूंढ़ कर सिय्योन में वापस आ रहे हैं। जगह का ध्यान किए बिना प्रचारक कहीं भी प्रचार कर रहे हैं। कोरिया में और विदेश में, कहीं भी हो, प्रचारक प्रचार करने में लगे रहते हैं। कभी विमान में सवार हुए और कभी वायुयान वाहक में सवार हुए और कभी सेना में यत्नपूर्वक प्रचार कर रहे हैं। चाहे ज़मीन पर हो, या चाहे समुद्र पर हो, या चाहे हवा में हो, कहीं भी निर्भयता से परमेश्वर के वचन को सुनाते हैं, जिसके द्वारा परमेश्वर के सुसमाचार का कार्य शीघ्रता से पूरा हो रहा है। बहुतेरे सिय्योन के परिवार, सत्य में आ रहे हैं। उनमें...
बाइबल के सत्य के वचनों में परमेश्वर की इच्छाएं होती हैं, जिससे वह हमें उद्धार का उत्तराधिकरी, सत्य का मार्ग और धार्मिकता के मार्ग पर लेकर जाता है और परमेश्वर के जन के रूप में पूर्णत: सिद्ध करता है। 2 हज़ार वर्ष पहले, बाइबल में जिन्होंने शरीर में आए परमेश्वर को भली भांति ग्रहण किया उन व्यक्तियों का कार्य, आज हमें शिक्षा देने के लिए अच्छा नमूना है। आइए हम उनके द्वारा सही तरह से परमेश्वर को ग्रहण करने के विश्वास की मुद्रा सीखें, और इस उद्धार के समाचार को सारे क्षेत्रों और विदेशों के हर प्रांतों में फैलाएं कि, इस युग में प्रकट हुए ऐलोहीम परमेश्वर को ग्रहण करो। अधिकार, जो परमेश्वर को ग्रहण करने वालों को दिया जाता...
संसार में ऐसा कोई नहीं जिसने संसार में जन्म लेकर, जीवन में परीक्षा एक बार भी नहीं दी। प्राचीन काल के लोगों के अलावा, सब को परीक्षा का अनुभव है। परीक्षा के माध्यम के बिना आदमी आज से और संपन्न जीवन नहीं जी सकता। चाहे एक परीक्षा पास की हो, तो भी और उन्नत जीवन की आशा के लिए उसे दूसरी परीक्षा का सामना करना पड़ता है और उसे पास करने की कोशिश करता है। उसी तरह से परमेश्वर के अनन्त स्वर्ग के राज्य में स्वर्गीय पिता और माता के साथ सनातनकाल तक महिमा और सदा का जीवन पाने के लिए हमें भी अवश्य ही आत्मिक परीक्षा देनी पड़ती है। तब हमें आत्मिक परीक्षाओं को पास करके विजय पाना चाहिए। जो परीक्षाओं के समय में कठिनाई को पार करता है उस पर परमेश...
लोग सोचते हैं कि, जब परमेश्वर इस धरती पर प्रकट होगा तब अत्यन्त महिमामय रूप में, जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते, आएगा। लेकिन बाइबल भविष्यवाणी करती है कि, परमेश्वर अति मामूली रूप में आएगा, इसलिए लोग उसे न पहचानेंगे और परमेश्वर उनके लिए जाल एंव फ़न्दा होगा। इस तरह, परमेश्वर लोगों के सामान्य ज्ञान से अलग रूप में हमारे पास आता है। तब हम कैसे परमेश्वर को ग्रहण कर सकते हैं? आइए हम बाइबल के इतिहास की जांच करते हुए हमारी ओर परमेश्वर की इच्छा समझने का समय लें। गुप्त रूप से आता परमेश्वर कोरिया के जोसन राजवंश के समय गुप्त राजकीय निरीक्षक प्रणाली थी। राजा गुप्त रूप से निरीक्षक को भेजता था कि वे सारे क्षेत्रों का भ्रम...
बाइबल की भविष्यवाणी के अनुसार, यरूशलेम की महिमा पूरे विश्व में बहुत तेज रफ्तार से प्रसारित होती जा रही है। यह समाचार जारी हो रहा है कि विश्व के जगह जगह से सिय्योन की सन्तान यरूशलेम की ओर आ रही हैं। जब हम ऐसे चिह्न और लक्षण को देखते हैं, तो हमें लगता है कि यरूशलेम की महिमा सामरिया और पृथ्वी के छोर तक विश्व में सारी जातियों को प्रसारित होने का दिन निकट है, जैसे परमेश्वर ने भविष्यवाणी की है। आइए हम यरूशलेम की वास्तविकता के बारे में जिसकी महिमा पूरे विश्व में प्रसारित होगी, और आशीष के बारे में जो यरूशलेम की महिमा में सम्मिलित होने वाले पाएंगे, बाइबल के वचन को जांचें। पवित्र नगरी यरूशलेम मसीह इस धरती पर दूसरी बा...
एक एक वर्ष करके जैसे जैसे विश्वास के जीवन का वक्त गुज़र रहा है, वैसे वैसे पिता और माता के अनुग्रह के द्वारा सुन्दर स्वर्गदूतों की छवि में बदल जाने का क्षण निकट आ रहा है। इस समय, सिय्योन की सन्तान को, जो प्रतिज्ञा की सन्तान के रूप में बुलाई गई है, यरूशलेम माता के प्रति, जो बाइबल की भविष्यवाणी के अनुसार, सुसमाचार के कार्य का नेतृत्व कर रही है, सही दृष्टिकोण रखना चाहिए। सिर्फ माता का बाह्य स्वरूप नहीं, बल्कि हमें माता का, जो हमारे लिए खुद को बलिदान कर रही है, अंतर्स्वरूप भी देखना चाहिए। तब हम ऐसा विश्वास रख सकेंगे जो परमेश्वर के उत्तराधिकारी, उद्धार पाने वाले के योग्य है। आइए हम बाइबल की भविष्यवाणी के द्वारा यह देख...
उदार होने का मतलब है, समुद्र जैसे बड़े मन से दूसरों को समझना और उनकी भावनाओं का आदर करना, जैसे माता की शिक्षा में लिखा है। बाइबल में हर कहीं उदार होने के बारे में अनेक शिक्षाएं लिखी हैं, क्योंकि पूरे विश्व में स्वर्गीय माता की महिमा को प्रकट करने के लिए लोग जो बुलाए गए हैं, उन्हें जो सद्गुणों में से अपनाना चाहिए, वह उदारता का सदगुण है। जब से हम सिय्योन की सन्तान हैं, हमें अपने सारे मन, प्राण और बुद्धि से परमेश्वर का आदर करना चाहिए। परमेश्वर हमसे चाहता है कि जब हम इसे करें, तब इसके साथ–साथ अवश्य ही उदारता का गुण रखें। परमेश्वर की इच्छा के अनुसार, हम अभी तक, सिर्फ आगे की ओर देखते हुए विश्वास की दौड़ दौड़ते आए हैं। त...