
ⓒ 2014 WATV
संगीत में सुननेवाले के शरीर और मन को चंगा करने की शक्ति होती है। जो लोग अक्सर गाने और संगीत समारोह का प्रदर्शन सुनते हैं, उनके पास अपना सकारात्मक मन और स्थिर मनोभाव को बनाने का अच्छा इख्तियार होता है। यहां तक कि प्राणी और पौधे भी संगीत से प्रभावित होते हैं; उनके विकास और उत्पादन में बढ़ावा होता है। सांता एना प्रयोगशाला में किए गए एक रोग–विषयक न्यूरोफिजीआलजी अनुसंधान के अनुसार, शास्त्रीय संगीत सेहतमंद लोगों के साथ साथ ऐसे लोगों के दिलों के तारों को भी छू लेता है जिनका पूरा शरीर पक्षाघात से ग्रस्त हो गया।
वही शास्त्रीय संगीत जो भावनाओं के लिए अच्छा है, यदि माता के प्रेम को भी प्रकट करे, तो वह अवश्य ही थके हुए शरीर और आत्माओं को चंगा करेगा। इसी कारण से, इस साल भी चर्च ऑफ गॉड का मसीहा ऑर्केस्ट्रा माता के प्रेम के साथ देश भर में कान्सर्ट दौरा कर रहा है।
मसीहा ऑर्केस्ट्रा ने छोटे वाद्यवृंद समुह बनाए और पिछले साल जुलाई से लेकर साल के अंत तक राजधानी के आसपास के 34 प्रांतों में अपने व्यस्त दैनिक जीवन से थके हुए शहरी लोगों के शरीर और आत्माओं को शांति देने के लिए हीलिंग कान्सर्ट का आयोजन किया था। जहां कहीं भी वे गए, उनका बहुत ही अच्छे से स्वागत किया गया और “हमारे थकाऊ और मुश्किल जीवन से अब हम बहुत ज्यादा चंगे हो गए हैं,” “हम फिर से सुनना चाहेंगे,” और “कृपया प्रदर्शन जारी रखिए,” ऐसा कहते हुए उनकी बहुत प्रशंसा की गई।
इस पर, मसीहा ऑर्केस्ट्रा ने और ज्यादा पड़ोसियों को एलोहीम परमेश्वर का अनुग्रह और आशीष देने के लिए और साथ ही साथ जुबली का वर्ष, यानी चर्च ऑफ गॉड की 50वीं सालगिरह मनाने के लिए चेंबर ऑर्केस्ट्रा समुह बनाए। उससे बढ़कर, ऑर्केस्ट्रा ने और भी ज्यादा अर्थपूर्ण तरीके से कार्यक्रम का आयोजन किया, और अब कान्सर्ट देश भर में प्रस्तुत किया जा रहा है।
चेंबर ऑर्केस्ट्रा में 10 से 35 सदस्य होते हैं। इस बार, तीन दल को नए सिरे से बनाया गया, और उन्होंने एक ही समय में अलग–अलग जगहों पर प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शन का कार्यक्रम एक समान ही है।
इस चंगाई देने की यात्रा 9 फरवरी को शाम 4 बजे से देजन शहर के तीन चर्च, यानी जुन्गु चर्च, जंगलिम चर्च, और सगू चर्च से शुरू हुई। 500 से ज्यादा नागरिक और स्थानीय प्रतिष्ठित व्यक्ति कान्स्र्ट में उपस्थित रहे और वे सब चार पुरुषों और सह–गायकवृंद के प्रदर्शन जैसे विविध प्रदर्शनों से प्रभावित हो गए थे।
कान्सर्ट “ओ दयालु मेरे परमेश्वर,” “अह क्या मैं स्वर्गीय देश,” जैसे नए गीतों के साथ शुरू हुआ। उसके बाद, “एकांत घर में एक बच्चा”, “माता! बहन!” नामक बच्चों का गीत प्रस्तुत किया गया जो माता के लिए इंतजार और चाह का वर्णन करता था। और “हाऊलस् मुविंग केसल” नामक ऐनिमेशन फिल्म का शीर्षक गीत “मेरी गो राउन्ड ऑफ द लाइफ,” और शोस्टाकोविच द्वारा बनाया गया तालबद्ध संगीत, “वाल्टज़ नं। 2” बजाया गया। इसके अतिरिक्त, फिल्म “द विजर्ड़ ऑफ ऑझ.” का साउंड ट्रैक, “ऑवर द रेइन बो,” और फिल्म “सिनेमा पेराडिसो” का साउंड ट्रैक, “सिनेमा पेराडिसो” जो फिल्मों से प्रेम रखनेवाले एक युवा लड़के और और एक पुराने फिल्म के प्रोजेक्टर चलानेवाले के बीच की मित्रता का वर्णन करता है, और फिल्म “सेन्ट ऑफ वुमन” का साउंड ट्रैक, “पोर ऊना कवेज़ा” जैसी जानी पहचानी धुनों ने श्रोताओं के हृदयों को लहरा दिया और जोश से भरपूर प्रतिक्रिया पाई। ज्यों ही चार पुरुषों और सह–गायकवृंद ने ऑर्केस्ट्रा के प्रदर्शन के साथ “प्रकृति माता,” “मेरी माता,” “अद्भुत अनुग्रह,” “पवित्र नगरी,” और “राइट नाव राइट हीअर” गीत गाएं, श्रोता गंभीरता, गरिमा और आकर्षण शक्ति से द्रवित हो गए।
नागरिकों ने उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया दिखाई। जंग म्यंग सूक(37, देजन से) ने, जिन्होंने अपने एक सहकर्मी से निमंत्रित किए जाकर कान्सर्ट देखा था, यह कहते हुए प्रशंसा की कि, “सभी प्रदर्शन अद्भुत थे। मुझे ऐसा लगा कि मैं किसी मशहूर ऑर्केस्ट्रा का प्रदर्शन सुन रहा था।” और यह भी कहा कि, “मुझे यह महान प्रदर्शन दिखाने के लिए बहुत–बहुत धन्यवाद।”
देजन की जंगलिम प्राथमिक स्कूल की उपप्रधानाचार्य, लि मून हई ने कहा कि, “इतना सुंदर संगीत प्रदर्शन सुनकर जिसका शीर्षक माता से जुड़ा हुआ था, मैं माता के प्रेम को महसूस कर सकी और उनके प्रति कृतज्ञ हो सकी। चाहे देर से ही सही, हमें जन्म देनेवाली और हमें पाल पोस कर बड़ा करने वाली हमारी माताओं के अनुग्रह को हमें महसूस करने दिया, इसलिए आपको धन्यवाद देती हूं।” जांग जंग सुन(31, देजन से) ने अपनी अनुभूति इस प्रकार व्यक्त की, “हाल ही में मैं बहुत सी मुश्किलों से थक गई थी। लेकिन इस कान्सर्ट के द्वारा मुझे लगता है कि मैं काफी हद तक चंगी हो गई हूं।”
किम छांग ह्यन(38, जन्बुक प्रान्त के मूजु से) ने यह कहते हुए ऑर्केस्ट्रा के सदस्यों की बड़ी प्रशंसा की कि, “वे शौक़िया नहीं लेकिन पेशेवर हैं। मैं सच में दंग और द्रवित हो गया। उनका प्रदर्शन देखकर मैं ने आंसू बहाए। और मेरा हृदय माता के बलिदान और प्रेम से चंगा हो गया। मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ था कि आप इस प्रीमियम कान्सर्ट को देश भर में दौरा करते हुए मुफ्त में उपलब्ध कराते हैं। आप लोग महान लोग हैं। मैं ने आप सब से बहुत कुछ सीखा है।”
पास ही के एक संगीत अकादमी के प्रमुख बे ग्वी बुन ने खुशी के साथ कहा कि, “मैं ने सोचा था कि चूंकि यह एक शास्त्रीय संगीत प्रदर्शन है, यह थोड़ा उबाऊ होगा। लेकिन वह इतना अच्छा था कि मुझे समय बीतने का पता ही नहीं चला। माता के प्रेम से भरपूर संगीत से मेरा मन चंगा हो गया।”
और दूसरे लोगों ने भी कहा कि, “संगीत सुनते हुए, मुझे पता ही नहीं चला कि समय कहां बीत गया,” “काश मैं कुछ और देर तक कान्सर्ट का मजा ले सकती।”
10 तारीख को, यानी देजन के कान्सर्ट के अगले दिन, बुसान, उल्सान, और सुन्छन में संगीत प्रदर्शन जारी रहा। फरवरी के अंत तक, वह गांगवन, छुंगछंग, जन्रा, और ग्यंगसांग प्रान्त में जारी रहा। मार्च में, वह राजधानी के आसपास के इलाकों में जारी रहेगा। कुल मिलाकर, दो महीनों में 66 जगहों पर आयोजित किया जाएगा।
अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद, ऑर्केस्ट्रा के सदस्य खुशी के साथ कान्सर्ट को पूरा कर रहे हैं, ताकि वे थके और दुखी लोगों के शरीर और आत्माओं को माता के प्रेम के साथ चंगा कर सकें। हम प्रार्थना करते हैं कि एलोहीम परमेश्वर की उमड़ती आशीष उनके दौरे पर बनी रहे।

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