हम खाने के द्वारा मरते हैं, और खाने के द्वारा जीते हैं

  • समय |
  • वाचन | 1661
‘WATV Media Cast’
मानवजाति का पाप अदन वाटिका में भले और बुरे के ज्ञान के वृक्ष से शुरू हुआ, और पापों की क्षमा और अनन्त जीवन का रहस्य जीवन के वृक्ष में हैं, जो भी अदन वाटिका में हैं।

यीशु ने स्वयं यह कहते हुए, “वह जो मुझे खाएगा मेरे कारण जीवित रहेगा,” हमें जानने दिया कि वह स्वयं जीवन के वृक्ष की असलियत हैं, और उन्होंने नई वाचा के फसह के द्वारा जीवन के वृक्ष का मार्ग खोला।
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