वह जो परमेश्वर का पालन करता है

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  • वाचन | 304
हमारे उसे महसूस किए बिना, परिस्थितियां और आत्मिक पर्यावरण लगातार बदलते हैं।

हमें ऐसा नहीं सोचना चाहिए कि हमारा विश्वास जो अतीत में अच्छा था, वह हमेशा अच्छा रहेगा, लेकिन हमें यह विचार करते हुए कि क्या हम परमेश्वर के वचन का पालन कर रहे हैं या नहीं, परमेश्वर के वचन पर करीब से ध्यान देते हुए जीवन जीना चाहिए।
(तैरनेवाली ट्यूब पर एक मनुष्य की कहानी जो अनजाने में खतरनाक जगह पर ले जाया गया)
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