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एलोहीम परमेश्वर

परमेश्वर ने कहा, ‘आओ ज्ञान की खोज करें, वरन् यहोवा के ज्ञान को ढूंढ़ें।’(हो 6:3)
और ‘अनन्त जीवन यह है कि परमेश्वर को जानें’।(यूह 17:3) आजकल बहुत से ईसाई कहते हैं कि हम परमेश्वर के बारे में जान चुके हैं। पर उन्हें केवल पिता परमेश्वर का ज्ञान है न कि एलोहीम परमेश्वर पिता और माता का ज्ञान।

पुरानी बाइबल की मूलभाषा इब्री में परमेश्वर का शब्द दो था। एक है ऐलोहा, दूसरा ऐलोहीम। ‘ऐलोहा’ एकवचन है, और ‘ऐलोहीम’ बहुवचन है जो मूलभाषा की पुरानी बाइबल के अनेक स्थल में लिखा है।

अर्थात् एलोहीम शब्द में यह दिखता है कि परमेश्वर एक नहीं पर दो हैं, यानी पिता और माता परमेश्वर हैं।


उत्पत्ति किताब में प्रकट हुए एलोहीम परमेश्वर

परमेश्वर ने उत्पत्ति की किताब द्वारा बताया कि परमेश्वर के स्वरूप में पिता है जो नर का स्वरूप है और माता है जो नारी का स्वरूप है।

उत 1:26-27 फिर परमेश्वर ने कहा, "हम मनुष्य को अपने स्वरूप में, अपनी समानता के अनुसार बनाएं..." अपने ही स्वरूप में परमेश्वर ने उसको सृजा। उसने नर और नारी करके उनकी सृष्टि की।

परमेश्वर की समानता में मनुष्य की सृष्टि की थी। इस से नर और नारी सृजे गए थे। तो यह अति स्पष्ट है कि परमेश्वर के स्वरूप में नर का स्वरूप और नारी का स्वरूप है। ‘हम मनुष्य को अपने स्वरूप में... बनाएं’ इस वचन में भी, ‘हम’ कहा गया है। हम बहुवचन हैं। इस से यह जाना जाता है कि एक परमेश्वर से नहीं पर पिता के साथ माता परमेश्वर से संसार की सृष्टि की गई।

उत्पत्ति अध्याय 11 द्वारा हम पिता परमेश्वर और माता परमेश्वर को खोज सकते हैं। उत 11:1-27 ...आओ हम उतरकर उनकी भाषा में गड़बड़ी डालें कि वे एक दूसरे की बोली को न समझ पाएं।

उत्पत्ति अध्याय 1 में कहा गया कि हम मनुष्य को अपने स्वरूप में, अपनी समानता के अनुसार बनाएं। जिन्होंने नर और नारी की सृष्टि की उन्होंने यहां साथ कार्य करने द्वारा मनुष्य के घमण्ड को तोड़ दिया और बाबेल मीनार का निर्माण रोक दिया। यहां पर भी परमेश्वर का वचन कि आओ हम उतरकर उनकी भाषा में गड़बड़ी डालें, साक्षी दे रहा है कि केवल पिता परमेश्वर नहीं पर माता परमेश्वर भी है।


यशायाह किताब में प्रकट हुए एलोहीम परमेश्वर

परमेश्वर शिक्षा देता है कि पिता और माता का वर्णन जो उत्पत्ति में किया गया था यशायाह किताब में भी किया गया।

यश 6:8 "मैं किसको भेजूं, और हमारी ओर से कौन जाएगा?" तब मैंने कहा, "मैं यहां हूं, मुझे भेज!"

जब परमेश्वर उसे ढूंढ़ रहा था जो परमेश्वर के वचन का प्रचार करने जाना चाहता था, उस समय परमेश्वर ने ऐसा नहीं कहा, ‘मेरी ओर से कौन जाएगा?’ लेकिन कहा, ‘हमारी ओर से कौन जाएगा?’ यह भी बताता है कि परमेश्वर केवल पिता नहीं पर माता परमेश्वर भी है और वे साथ कार्य करते हैं।


यिर्मयाह किताब में प्रकट हुए एलोहीम परमेश्वर

यिर्मयाह किताब में प्रकट हुए एलोहीम परमेश्वर
यिर्मयाह किताब में भी एलोहीम परमेश्वर अर्थात् पिता और माता परमेश्वर के बारे में साक्षी दी गई है।

यिर्म 31:22 यहोवा ने पृथ्वी पर एक नई वस्तु सृजी है और यह नई वस्तु है कि नारी पुरुष की रक्षा करती है। आत्मिक दृष्टि से यह देखता तो इस वचन में अति महत्वपूर्ण बात रखी है। नारी (हव्वा) वास्तव में पुरुष की पसली से बनाई हुई पुरूष के अन्दर थी। अगर परमेश्वर ने पुरूष की पसली को निकाल कर नारी न बनाई तो, स्त्री जो पुरुष के अन्दर थी क्या वह पुरुष को घेर ले सकती है?

इसलिए नई वस्तु जिसकी सृष्टि परमेश्वर करता है यह है कि पिता परमेश्वर के अन्दर रही माता जो पहले नहीं निकली प्रकट होगी, जिसकी घटना अभी तक कभी नहीं हुई। और परमेश्वर की नई वस्तु तभी सृजी गई जब परमेश्वर ने नई वाचा स्थापित की।

"मैं उनका परमेश्वर ठहरूंगा।" यहां, ‘परमेश्वर’ मूलभाषा इब्री बाइबल में ‘एलोहीम’ से लिखा है। इस वचन का अर्थ है कि जब नई वाचा द्वारा हमें एलोहीम परमेश्वर महसूस होता है तो छोटे से लेकर बड़े तक सब परमेश्वर को जानेंगे और इससे यह कहना न पड़ेगा कि परमेश्वर को जानो। परिणामस्वरूप में नई वाचा की सच्चाई में अवश्य ही पिता और माता परमेश्वर अर्थात् एलोहीम परमेश्वर होना चाहिए, तब हम नई वाचा की संतान होंगे।

चर्च ऑफ गॉड के संतों ने पिता और माता परमेश्वर को ग्रहण कर लिया है, इसलिए इस पर यकीन रखते हैं कि हम बाइबल में लिखित नई वाचा की संतान हैं।


भविष्यवाणी की गई कि एलोहीम परमेश्वर निश्चित समय आने पर प्रकट होंगे।

परमेश्वर ने जो आत्मिक तौर पर हमारे उद्धार के लिए कार्य करते हैं प्रतिज्ञा की है कि निश्चित समय आते ही प्रकट होंगे।(1तीम 6:15) तब किस रूप से प्रकट होंगे? आइए हम प्रकाशितवाक्य द्वारा जांच करें।

प्रक 22:17 आत्मा और दुल्हिन दोनों कहती हैं, "आ!" और सुनने वाला भी कहे, "आ!" जो प्यासा हो, वह आए। जो चाहता है, वह जीवन का जल बिना मूल्य ले।

जब मानव जाति के उद्धार के लिए परमेश्वर जो हमेशा बहुवचन में मौजूद हैं, शरीर में आते हैं तब आत्मा और दुल्हिन के रूप में प्रकट होकर हमें जीवन का जल देते हैं। आत्मा और दुल्हिन हमें जीवन का जल देने के योग्य हैं, क्योंकि वे परमेश्वर हैं जिन्होंने संसार की सृष्टि के समय यह कहते हुए मनुष्य की सृष्टि की थी कि हम मनुष्य को अपने स्वरूप में, अपनी समानता के अनुसार बनाएं। 1 तीमुथियुस में यह लिखा हुआ कि केवल परमेश्वर के पास ही अमरता(जीवन) है। (1तीम 6:16) इसलिए स्वर्गीय यरूशलेम के पास ही जीवन है जो दूसरी बार आने वाले मसीह आन सांग होंग परमेश्वर ने स्थिर की।

इसके बावजूद कोई कहता है कि हम भी जीवन दे सकते हैं। लेकिन उसे गलतफहमी हुई है। बाइबल कहती है, "जब तक तुम मनुष्य के पुत्र का मांस न खाओ और उसका लहू न पियो, तुम में जीवन नहीं।" (यूह 6:53) और "मेरे पीछे चला आ और मुर्दों को अपने मुर्दे दफन करने दे।"(मत 8:22) इस कारण से हम अपने को जीवित नहीं कह सकते हैं। हम ऐसे प्राणी हैं जिनके पास जीवन नहीं है। इसलिए स्वर्गीय पिता आन सांग होंग और माता के पास जाने के द्वारा, जिनके पास अनन्त जीवन है, अनन्त जीवन और उद्धार पा सकते हैं।

मनुष्य को जिसे मरना नियुक्त किया गया, अनन्त जीवन का जल देने के लिए इस अन्तिम युग में पिता परमेश्वर पवित्र आत्मा आन सांग होंग और दुल्हिन यरूशलेम माता इस पृथ्वी पर प्रकट हुए। चर्च ऑफ गॉड ने इन्हें उद्धारकर्ता के रूप में ग्रहण किया। कोई भी इसे अधिक जानना चाहे तो चर्च ऑफ गॉड पर आए।