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जो परमेश्वर के द्वारा योग्य ठहराए गए हैं

하나님이 옳다고 인정하는 자

इस संसार में लोग अपने तरीके से और अपने विचार से जीवन जीते हैं। कोई कहता है कि यह सही है, और कोई कहता है कि वह सही है। राजनैतिक समाज में, सत्ताधारी दल और विरोधी दल विभिन्न विचारों को लेकर एक दूसरे के खिलाफ खड़े हो जाते हैं। कभी–कभी लोग अपनी आवाज को ऊंचा करके, अपने पड़ोसी के विरोध में खड़े हो जाते हैं। यहां तक कि एक पति और पत्नी भी अपनी अलग–अलग जीवनशैली के कारण एक दूसरे से झगड़ते हैं। वे सभी अपने आप को सही बताते हैं, तो कौन सही और गलत का न्यान करेगा? बाइबल से देखें तो, केवल परमेश्वर अकेले ही हैं जो अंत में सही और गलत के बीच अंतर कर सकते हैं। इसलिए, बाइबल में अंतिम न्याय के बारे में लिखा गया है। अब, सिय्योन की सन्तान यरूशलेम की...

धर्मियों की दुनिया और पापियों की दुनिया

의인의 세계와 죄인의 세계

धर्मियों की दुनिया और पापियों की दुनिया के बीच में क्या अंतर है? धर्मियों की दुनिया में “क्षमा कीजिए” जैसा कोई शब्द नहीं है। लेकिन पापियों की दुनिया में हम अक्सर ऐसे शब्द सुनते हैं कि, ‘मुझे क्षमा कर दीजिए,’ ‘मेरी गलती है।’ आप कौन सी दुनिया में रहना पसंद करेंगे, धर्मियों की या पापियों की? यहां, धर्मियों की दुनिया का मतलब ऐसा नहीं है कि वहां सच्चे धर्मी लोग रहते हैं; ऐसी दुनिया तो केवल स्वर्ग में मुमकिन है। इस दुनिया में ऐसे बहुत से लोग हैं जो अपने आपको धर्मी समझते हैं। इसलिए मैं यहां जिस धर्मियों की दुनिया की बात कर रहा हूं, वह उस दुनिया के बारे में है जहां अपने आपके धर्मी होने का दावा करने वाले रहते हैं। जहां ऐसे लोग रह...

परमेश्वर पर ध्यान करो

하나님을 생각하라

मैं विश्वास करता हूं कि जब कभी भी नया महिना या नया वर्ष आता है, आप में से हर एक के पास बहुत सारी योजनाएं होती हैं। सभी योजनाओं को सफल बनाने के लिए, हमें अपनी क्षमताओं के बदले परमेश्वर पर निर्भर होना चाहिए। हम बहुत योजनाएं बना सकते हैं, पर जो उन्हें पूरा करते हैं, वह परमेश्वर हैं। हम बाइबल और अपने जीवन के द्वारा इसकी पुष्टि कर सकते हैं। जड़ के बारे में सोचें जब आप फल को देखें जब लोग किसी पेड़ को देखते हैं जिसने बहुत फल उत्पन्न किए हों, तब वे दिखाई देने वाले फल और शाखाओं पर ध्यान देते हैं, पर वे उसकी अदृश्य जड़ की भूमिका और प्रभाव के बारे में सोचना भूल जाते हैं। पेड़ को देखते समय, हमें न केवल उसके फल और शाखाओं पर ध्यान करन...

परमेश्वर ऐसे दिन आएंगे जब हम उनकी बाट न जोहते हों

생각지 않은 날 오시는 하나님

क्या होगा अगर एक मसीही इस सोच में डूबा रहे, “सब कुछ शांत और सुरक्षित है”? वह एक सच्चा मसीही कहलाने के योग्य नहीं है, भले ही वह एक मसीही की तरह बाहरी रूप से कार्य करता है। कुछ लोग उत्पीड़न और कठिनाइयों का सामना करने पर जोश से भरा हुआ विश्वास रखते हैं, परंतु वे जब अनुकूल परिस्थितियों में हैं, परमेश्वर में अपना विश्वास खो देते हैं। बाइबल उन परमेश्वर के द्वारा लिखी गई पुस्तक है जिन्होंने हम मनुष्यों की सृष्टि की, और यह स्पष्ट रूप से हमारे हृदय और मन का वर्णन करती है। जैसे कि परमेश्वर हमारा हृदय जानते हैं, उन्होंने बाइबल की 66 पुस्तकों में सभी शिक्षाएं और चेतावनियां लिखी हैं ताकि शैतान की चाल से हम भरमाए न जाएं, लेकिन हमारी अगु...

मैं तुम्हें मनुष्यों के मछुए बनाऊंगा

사람을 낚는 어부가 되라

पिकासो एक पूरी दुनिया में मशहूर अयथार्थवादी कलाकार है। उसकी कृतियों में से एक, “बैल का सिर” है। यह एक उत्कृष्ट कृति थी जिससे वह संतुष्ट हुआ था और उसकी बहुत अधिक प्रशंसा की गई थी। उससे उसे पूरे संसार में ख्याति और प्रशंसा मिली। इस कलाकृति के द्वारा हम उसकी सर्जनात्मकता और कलात्मकता को देख सकते हैं। उसका बहुत ज्यादा मूल्यांकन किया जाता है। लेकिन, आश्चर्यजनक रूप से, उसे बनाने की मुख्य सामग्री किसी कूड़ा फेंकने की जगह में फेंकी गई एक साइकिल के पुर्जे हैं। पिकासो ने ऐसी फेंक दी गई चीज के द्वारा जिस पर लोग ध्यान भी नहीं लगाते, एक विश्व प्रसिद्ध उत्कृष्ट कलाकृति बनाई। उसी तरह से, सृजनहार परमेश्वर ने, मक्खी और कीडे. जैसे हम व्यर्थ...

सब कुछ परमेश्वर को सौंपने वाला और परमेश्वर को सौंपने से हिचकने वाला

보류하는 믿음과 맡기는 믿음

संसार में बहुतेरे लोग परमेश्वर पर विश्वास करने का दावा तो करते हैं, लेकिन यदि वे परमेश्वर के वचन पर सम्पूर्ण रूप से आज्ञाकारी न हों, तो वे सच्चे विश्वासी नहीं हो सकते। हम कभी–कभी मसीहियों में से ऐसे लोग देखते हैं जो परमेश्वर को जानने का दावा करते हैं, परन्तु अपने कार्यों से परमेश्वर का इनकार करते हैं। वे हठ करते हैं कि ‘परमेश्वर का वचन चाहे जैसा हो, तो भी मेरे विचार से ऐसा करना ही बेहतर होगा’। ऐसे लोग परमेश्वर पर विश्वास तो करते हैं, लेकिन परमेश्वर की केवल उस इच्छा का पालन करते हैं जो उन्हें ठीक लगती है, और बाकी परमेश्वर की इच्छाओं को छोड़ देते हैं जो उन्हें ठीक नहीं लगती हैं। वे सिर्फ़ अपनी इच्छा के अनुसार कर्म करते हैं...

एक दूसरे की सेवा करो

서로 섬기는 자 되자

“पृथ्वी यहोवा के ज्ञान से भर जाएगी”(यश 11:9 संदर्भ)। आज, यह आशीषित व महिमामय भविष्यवाणी हर पल सच हो रही है। परमेश्वर की इच्छा यह है कि सभी लोग पश्चाताप करके उद्धार पाएं। इस इच्छा के अनुरूप संसार का उद्धार करने के लिए ‘विश्व उद्धार आंदोलन’ तेज़ किया जा रहा है। तो, आइए हम सोचें कि अब हमें क्या करना चाहिए। बाइबल कहती है कि परमेश्वर के लोग वे हैं जो परमेश्वर की आज्ञाओं को मानते और यीशु पर विश्वास रखते हैं।(प्रक 14:12) जब सिय्योन के सदस्य ‘आज्ञा’ शब्द के बारे में सोचते हैं, तो उनके मन में जो पहले आता है वह ‘नई वाचा की व्यवस्था’ है। परमेश्वर की आज्ञाओं में ऐसी व्यवस्थाएं हैं जिनका मसीहियों को नियमित रूप से पालन करना चाहिए, और...

मेरे साथ तेरा कुछ भी साझा नहीं

네가 나와 상관이 없느니라

हमें परमेश्वर के पक्ष में होना चाहिए यह लगभग 150 वर्ष पहले हुआ जब अमेरिकी गृहयुद्ध भयंकर हो गया। उस समय, अब्राहम लिंकन ने जिसने दासों की मुक्ति का समर्थन किया, दक्षिणी राज्यों के खिलाफ उत्तरी राज्यों की यूनीयन सेना का संचालन किया। हालांकि, वह आसानी से दक्षिणी राज्यों को हरा नहीं सका जिनका कमाण्डर जनरल राबर्ट ई. ली. था। बल्कि, यूनीयन सेना पर दक्षिणी राज्यों ने जमकर हमला किया। सैनिकों को मरते देखकर लिंकन दुखी हुआ, और उसे तीव्रता से महसूस हुआ कि यह युद्ध मनुष्य की शक्ति से खत्म नहीं होगा, और उसने परमेश्वर से हर दिन तीन घंटे से ज्यादा प्रार्थना की। एक दिन उसके मंत्रिमंडल के सदस्यों ने उसे आग्रहपूर्वक प्रार्थना करते देखकर उसस...

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