한국어 English 日本語 中文 Deutsch Español Tiếng Việt Português Русский लॉग इनरजिस्टर

लॉग इन

आपका स्वागत है

Thank you for visiting the World Mission Society Church of God website.

You can log on to access the Members Only area of the website.
लॉग इन
आईडी
पासवर्ड

क्या पासवर्ड भूल गए है? / रजिस्टर

टेक्स्ट उपदेश

한국어 제목표시
टेक्स्ट उपदेशों को प्रिंट करना या उसका प्रेषण करना निषेध है। कृपया जो भी आपने एहसास प्राप्त किया, उसे आपके मन में रखिए और उसकी सिय्योन की सुगंध दूसरों के साथ बांटिए।

पृष्ठ »

prev1 2 3 4 5 6 7 8 9 ... 20 21next

मनुष्य जिसका परमेश्वर इस्तेमाल करते हैं

하나님께서 쓰시는 사람

परमेश्वर ने कहा है, “जिन्हें नई वाचा सौंपी गई है वे यदि ‘दीनता’ शब्द को अपने मन में अंकित कर लें, तो परमेश्वर का सुसमाचार अत्यन्त समृद्ध हो जाएगा।” नबियों से लेकर नए सदस्यों तक, आइए हम सब दीनता के बारे में सोचें और हम सब उस गुण को धारण करने वाले सुसमाचार के सेवक बन जाएं। मसीह के जैसा दीनता का गुण धारण करो फिलि 2:1–8 ... पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। हर एक अपने ही हित की नहीं, वरन् दूसरों के हित की भी चिन्ता करे। जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो। जिसने परमेश्वर के स्वरूप में होकर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा। वरन् अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और ...

प्रेरित पौलुस का प्रचार

사도 바울의 전도

हमारे विश्वास के जीवन में, कभी–कभी हम प्रतिकूल परिस्थितियों के वश में होकर परेशानियों का सामना करते हैं। जब हम तकलीफ आने पर उसी समय उस पर विजय नहीं पाते और उससे समझौता करते हैं, तो परिस्थिति और भी ज्यादा बिगड़ जाती है और हमारा विश्वास संकट में पड़ जाता है। किसी भी परिस्थिति में, हमें परमेश्वर के प्रति अपने प्रेम को न खोते हुए, उन तकलीफों पर विजय पानी चाहिए और परमेश्वर में मजबूत विश्वास के साथ सुसमाचार का प्रचार करना चाहिए। सच्चे विश्वास पर परिस्थितियों का प्रभाव नहीं होता अब, मैं एक बहन का उदाहरण दूंगा। एक दिन, उसने अपने बच्चे को चर्च के किसी सदस्य के पास देखभाल करने के लिए छोड़ा और कुछ महत्वपूर्ण काम–काज के लिए बाहर चल...

हे परमेश्वर के जन

너, 하나님의 사람아

हम सब पापी हैं जो पापों के कारण स्वर्ग से निकाल दिए गए थे और पृथ्वी पर गिरा दिए गए थे। मसीह के निष्कलंक और निर्दोष लहू के द्वारा, परमेश्वर ने हमें छुटकारा, यानी पापों की क्षमा दी है, ताकि हम फिर से जन्म ले सकें और परमेश्वर की संतान बन सकें और अपने स्वर्गीय देश वापस जा सकें। हम, परमेश्वर के मनुष्यों को परमेश्वर से पहले क्या मांगना चाहिए? हम, परमेश्वर की संतानों के लिए परमेश्वर की क्या इच्छा है? वह जीवन है, अनन्त जीवन। परमेश्वर सबसे ज्यादा यह चाहते हैं कि उनकी संतान अनन्त जीवन प्राप्त करें और स्वर्ग के राज्य में खुशी से रहें। विश्वास की अच्छी कुश्ती लड़कर, अनन्त जीवन को धर लो 1तीम 6:11–12 पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातो...

जाओ, लोगों को चेला बनाओ

너희는 가서 제자를 삼으라

परमेश्वर ने हमसे कहा है, “जाओ, सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ।” इस वचन के अनुसार, हम सोचते हैं कि यह कार्य किसी अन्य कार्य से अधिक महत्वपूर्ण है, और लोगों को चेले बनाने की कोशिश करते हैं। जो भी हो, सभी सदस्य इस कार्य के लिए योग्य नहीं ठहरते। इस समय प्रचारक जिन्हें परमेश्वर भेजने के लिए प्रसन्न होते हैं उनकी योग्यताओं का अध्ययन करने के द्वारा, आइए हम स्वयं पर विचार करें और जांच करें कि हम सुसमाचार के प्रचारक के लिए योग्य हैं या नहीं। मत 28:16–20 ... इसलिये तुम जाओ, सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ; और उन्हें पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो, और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना ...

बड़े और सामर्थी लोग

크고 강한 자

इन दिनों में, नई वाचा के सुसमाचार की ज्योति तेजी से फैल रही है। इस बीच दुष्ट शैतान सुसमाचार के कार्य में बाधा डालने के लिए हर संभव उपाय कर रहा है। दुष्ट आत्माओं के विरुद्ध हमारी लड़ाई में, हम परमेश्वर के सारे हथियार, यानी परमेश्वर के प्रति विश्वास, उद्धार की आशा और अंत तक सत्य की रक्षा करने का दृढ़ संकल्प करते हुए, और पांवों में मेल के सुसमाचार की तैयारी के जूते पहनते हुए जीत हासिल कर रहे हैं। यद्यपि हमारा दुश्मन, शैतान हर तरह की बुरी बातों के साथ हमें रोकता है, हम सुसमाचार का प्रचार इस दृढ़ विश्वास के साथ करते हैं कि निश्चित रूप से हम शैतान पर विजय पाएंगे। इसलिए सुसमाचार का कार्य रुकता नहीं, परंतु उसकी ज्योति और अधिक उज्ज...

माता का प्रेम

어머니의 사랑

अगर हमें परमेश्वर का प्रेम महसूस नहीं होगा, तो विश्वास के जीवन में, हम न तो हमेशा खुश रह सकते हैं और न ही परमेश्वर को धन्यवाद और महिमा दे सकते हैं। 2,000 वर्ष पहले, जब प्रेरितों को यीशु मसीह का प्रेम समझ में आया जिन्होंने क्रूस पर मर जाने तक अपना बलिदान किया, तब प्रचार फला–फूला, और सुसमाचार बहुत तेज़ रफ्तार से पूरे विश्व में फैल कर अनेक लोगों को सुनाया जा सकता था। इन अंतिम दिनों में भी, जब हम स्वर्गीय माता के प्रेम और स्वर्गीय पिता की इच्छा को समझेंगे, तब हम अपने सभी खोए हुए भाइयों और बहनों की अगुवाई सिय्योन की ओर कर सकेंगे। माता का अनंत प्रेम और बलिदान लंबे समय पहले, एक माता थी। उसका एक छोटा बेटा था जो गंभीर बीमारी से...

शैतान की निन्दा और परमेश्वर की विजय

사단의 훼방과 하나님의 승리

अब, सुसमाचार पूरे संसार में, पूर्व से पश्चिम तक प्रचार किया जा रहा है। परमेश्वर का कार्य नियत समय आने पर शीघ्रता से पूरा हो जाएगा। जैसे जैसे समय निकट आता जा रहा है, शैतान और भी उग्रतापूर्वक हमारी निन्दा कर रहा है। हम, परमेश्वर की सन्तानों को जो पहले नहीं सहे उन परीक्षणों, परेशानियों, सतावों और प्रलोभनों को सहना पड़ सकता है। आइए हम, बाइबल के द्वारा यह देखें कि शैतान परमेश्वर के सत्य की कैसे निन्दा करता है, और परमेश्वर कैसे अन्त में उस पर विजय पाते हैं,(प्रक 18) ताकि हम भी खुशी के साथ विश्वास में दृढ़ता से खड़े रहते हुए, उस पर विजय पा सकें। बाइबल भविष्यवाणी करती है कि परमेश्वर शैतान के प्रतिरोध पर विजय प्राप्त करेंगे और अन्त ...

मसीह आन सांग होंग का आगमन

안상홍님의 오심

2,000 वर्ष पहले, मानवजाति को बचाने के लिए यीशु का जन्म इस पृथ्वी पर हुआ था। 30 वर्ष की आयु में उनका बपतिस्मा हुआ था, और उन्होंने लगभग साढ़े तीन सालों की अपनी सेवकाई के दौरान नई वाचा के सुसमाचार का प्रचार किया। अपने मिशन को पूरा करने के बाद, वह स्वर्ग को चले गए। जब मसीह स्वर्ग को चले गए, तब उन्होंने इस पृथ्वी पर वापस आने की प्रतिज्ञा की(प्रे 1:6–11)। वर्ष 2018 मसीह आन सांग होंग जो बाइबल की भविष्यवाणियों के अनुसार दूसरी बार आए यीशु हैं, उनके जन्मदिवस की 100वीं सालगिरह का अर्थपूर्ण वर्ष है। आइए हम बाइबल के द्वारा खोजें कि क्यों परमेश्वर इस पृथ्वी पर आए। अंधेरी दुनिया जहां सत्य अस्पष्ट है यीशु के स्वर्गारोहण के बाद, इस...

prev1 2 3 4 5 6 7 8 9 ... 20 21next