한국어 English 日本語 中文 Deutsch Español Tiếng Việt Português Русский लॉग इनरजिस्टर

लॉग इन

आपका स्वागत है

Thank you for visiting the World Mission Society Church of God website.

You can log on to access the Members Only area of the website.
लॉग इन
आईडी
पासवर्ड

क्या पासवर्ड भूल गए है? / रजिस्टर

टेक्स्ट उपदेश

한국어 제목표시
टेक्स्ट उपदेशों को प्रिंट करना या उसका प्रेषण करना निषेध है। कृपया जो भी आपने एहसास प्राप्त किया, उसे आपके मन में रखिए और उसकी सिय्योन की सुगंध दूसरों के साथ बांटिए।

पृष्ठ »

prev1 2 ... 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 next

योना का जहाज और पौलुस का जहाज

요나의 배와 바울의 배

जब मनुष्य मरता है, तब वह न्याय का सामना करता है।(इब्र 9:27) एक व्यक्ति अपराधी है या नहीं, और यदि वह अपराधी है तो उसका अपराध कितना बड़ा है, इसका आखिरी निर्णय करने की प्रक्रिया ही न्याय है। आत्मिक दुनिया में भी ऐसा ही होता है। लोग जो नहीं जानते कि नरक का दुख कितना भयंकर है, वे इस पृथ्वी पर अपना कीमती समय बर्बाद करते हैं। वे अपने जीवन के अन्त में उस हालत का सामना करेंगे, जिसमें उन्हें अपने किए पर अफसोस होगा। चूंकि परमेश्वर जानते हैं कि मनुष्य के जीवन के अन्त में क्या होगा, इसलिए वह इस पृथ्वी पर शरीर धारण करके आए। उन्होंने हमारे पापों के लिए क्रूस पर एक पापबलि के रूप में अपना बलिदान करने के द्वारा नई वाचा को स्थापित किया ...

अनन्त दुनिया के लिए तैयारी करना

영원한 세계에 대한 준비

बाइबल में लिखा है कि, “मनुष्य की आयु घास के समान होती है, वह मैदान के फूल के समान फूलता है।”(भज 103:15) इससे यह प्रतीत होता है कि मनुष्य का जीवन कितना छोटा और व्यर्थ है। इस पृथ्वी पर जीवन सब कुछ नहीं है; इस पृथ्वी पर के हमारे जीवन के बाद एक नया जीवन है; हम जिस स्थान से आए हैं, वहां वापस जाएंगे। इस जीवन के समाप्त होने के बाद, हम सभी को मरणोत्तर जीवन में प्रवेश करना चाहिए। तब आइए हम यह सोचने के लिए कुछ समय लें कि जिस स्वर्ग के राज्य में हम जा रहे हैं, हम उस स्थान के लिए कितना समय या प्रयास लगा रहे हैं। एक सेवक की सलाह पुराने समय में एक शाही सेवक था जिसने राजा का विश्वास प्राप्त किया था। सेवक अच्छा और विश्वासयोग्य ...

विपत्ति और फसह का पर्व

재앙과 유월절

जब हम सुबह उठकर न्यूज चैनल देखते हैं, बहुत सारी विपत्तियों और तबाहियों की खबरें हम सुनते हैं। विभिन्न प्रकार की विपत्तियों में से सबसे बड़ी विपत्ति क्या है? परमेश्वर ने किस विपत्ति से हमें बचाने के लिए फसह का पर्व निर्धारित किया है? चाहे संसार में घटित होने वाली विपत्तियां कितने ही लंबे समय तक क्यों न जारी रहें, लेकिन वे मनुष्य के जीवनकाल से भी अधिक समय तक नहीं घट सकतीं। लेकिन बाइबल में एक विपत्ति है, जो युगानुयुग जारी रहेगी। बाइबल कहती है कि लोग उस विपत्ति की पीड़ा अत्यधिक होने के कारण मरने की लालसा करेंगे, लेकिन मृत्यु उनसे भागेगी। हमें नई वाचा का फसह देने के पीछे परमेश्वर की यह इच्छा है कि वह हमें उस अत्यंत भयानक वि...

क्या आप परमेश्वर से प्रेम करते हैं?

하나님을 사랑하는가

परमेश्वर हमसे प्रेम करते हैं। उन्होंने संसार की सृष्टि से पहले प्रेम से हमें चुन लिया, और जब क्रूस पर उनकी सांस थम गई थी, उस अंतिम क्षण तक हमारी सुरक्षा के लिए चिंता की, और इस क्षण भी, वह लगातार हमसे प्रेम करते हैं। क्या सच में हम परमेश्वर से प्रेम करते हैं? चाहे अब हम परमेश्वर में विश्वास के मार्ग पर चल रहे हैं, आइए हम यह सोचने के लिए कुछ समय लें कि क्या सच में हम परमेश्वर से प्रेम करते हैं। बाइबल कहती है कि, “तेरेइयरूशलेमउ प्रेमी कुशल से रहें,”(भज 122:6) और “जो बातें आंख ने नहीं देखीं और कान ने नहीं सुनीं, और जो बातें मनुष्य के चित्त में नहीं चढ़ीं, वे ही हैं जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखनेवालों के लिए तैयार की हैं...

बिना डर के प्रचार करना

두려움 없는 전도

हाल ही में, हमारे स्वर्गीय परिवार के बहुत से सदस्य सिय्योन में वापस लौट रहे हैं, और परमेश्वर हमें संसार की हर जगह में सिय्योन स्थापित करने की अनुमति दे रहे हैं। जैसे कि बाइबल में भविष्यवाणी की गई थी, पूरा संसार अब सुसमाचार की पुकार से भर गया है।(हब 2:14; मत 24:12) इस वर्तमान समय में, जब पूरा संसार परमेश्वर के वचनों से भर रहा है, आइए हम इसके बारे में सोचें कि हम सुसमाचार का प्रचार करने के लिए कितने ऊंचे स्वर से पुकार रहे हैं। हमें सुसमाचार का प्रचार करने से हिचकिचाना नहीं चाहिए; यदि हम हिचकनेवाले हैं, तो हमें सदा के लिए उसका अफसोस रहेगा। डर के साथ प्रचार करने में परमेश्वर के आशीर्वाद गंवाने का खतरा रहता है, लेकिन बिना ...

वचन और भोजन

말씀과 양식

यदि हम मनुष्य भोजन न खाएं, तो हम कुछ भी अच्छे से नहीं कर सकते; हम न तो कुछ सोच सकते हैं और न ही अपने उद्देश्य और योजनाओं को पूरा कर सकते हैं। आत्मिक रूप से भी ऐसा ही है। यदि हम आत्मिक भोजन न खाएं, तो हम उन आत्मिक कार्यों को शालीनतापूर्वक नहीं कर सकते जिनकी हम आशा करते हैं। बाइबल हमें इस बात का एहसास करने में सहायता करती है कि परमेश्वर का वचन हमारे लिए जीवन का भोजन है, और उसमें हमारी आत्माओं को नया करने की शक्ति है। यीशु ने हमें सिखाया है कि, “नाशवान् भोजन के लिए परिश्रम न करो, परन्तु उस भोजन के लिये जो अनन्त जीवन तक ठहरता है।”(यूह 6:27) इससे उनका मतलब था कि हमें नाशवान् भोजन का, यानी सांसारिक चीजों का पीछा करके, परमेश्व...

परमेश्वर एकमात्र समाधान है

오직 하나님만이 해답이다

जब कभी हम किसी समस्या का सामना करते हैं, तब हम उससे मदद मिलने की उम्मीद करते हैं जो हमें ऐसा दिखता है कि वह समस्या को सुलझा देगा, और हम उस पर निर्भर हो जाते हैं। पृथ्वी की वस्तुएं स्वर्ग की वास्तविक वस्तुओं की छाया है।(इब्र 8:5) फिर भी, जब हम कुछ करते हैं, तो हम अक्सर छाया का पालन करने की कोशिश करते हैं। छाया का पालन करना किसी काम का नहीं है। हमें वास्तविकता का पालन करना चाहिए। वह परमेश्वर हैं जो सुसमाचार के कार्य का नेतृत्व करते हैं और उसे पूरा करते हैं। इस पृथ्वी पर सब कुछ तभी हासिल किया जा सकता है जब परमेश्वर स्वर्ग में उसकी मंजूरी देते हैं। कोई भी अपनी बुद्धि, काबिलियत या शक्ति से परमेश्वर का काम नहीं कर सकता...

चुनाव के द्वारा जीवन

선택의 삶

अब¸ आइए हम समय निकालकर सोचें कि हम कितने आशीषित हैं कि हम अपने विश्वास के जीवन में परमेश्वर के वचन के अनुसार चुना हुआ जीवन जीते हैं¸ ताकि हम परमेश्वर के वचन का पालन करके और हर समय वह चुनाव करके जिससे पिता और माता प्रसन्न हों¸ स्वर्ग जा सकें। मूसा¸ अब्राहम¸ नूह¸ आदम और हव्वा से लेकर पतरस¸ यूहन्ना और याकूब जैसे यीशु के चेलों तक¸ जब हम अपने विश्वास के पूर्वजों के जीवन को देखते हैं, तो उन सभों ने अपना जीवन चुनाव से जिया। जंगल की यात्रा के दौरान¸ इस्राएलियों ने अपने जीवन के हर समय में नकारात्मक चुनाव करके अपना समय व्यर्थ गंवाया। हमारे जीवन के साथ भी ऐसा ही है। जीवन चुनावों की श्रृंखला है। हर पल¸ हर मिनट¸ हम ज...

prev1 2 ... 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 next