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पवित्रशास्त्र में लिखा है कि ऐसा ही होना अवश्य है

이런 일이 있으리라 한 성경

आज दुनिया में बहुत से चर्च हैं, और उनमें से हर एक दावा करता है कि उसके पास सच्चा विश्वास है। लेकिन किसी के विश्वास का मानक परमेश्वर का वचन है। वह कभी मनुष्य का विचार नहीं हो सकता। जब हम बाइबल के वचनों को अपने विश्वास का केंद्र बनाएंगे, तब हम विश्वास के सही मार्ग पर जाकर अनन्त स्वर्ग के राज्य की ओर चल सकते हैं। बाइबल में परमेश्वर की भविष्यवाणियां हैं, जो दिखाती हैं कि भविष्य में क्या होगा। इसलिए ध्यान से बाइबल का अध्ययन करके, हम विश्वास का सही मार्ग खोज सकते हैं। अब, आइए हम बाइबल के द्वारा इस बात की पुष्टि करें कि परमेश्वर ने अपनी उन संतानों के लिए उद्धार की प्रतिज्ञा की है जो पश्चाताप करके स्वर्गीय यरूशलेम, यानी मात...

हमें परमेश्वर को क्या देना चाहिए?

무엇을 하나님께 드릴까

संसार में जीते हुए हमारे पास कुछ विशेष दिन होते हैं, जैसे कि जन्मदिवस, एडमिशन और गे्रजुएशन दिवस, शादी की सालगिरह इत्यादि। इन दिनों का परिवार के सदस्यों के लिए खास अर्थ होता है। इसलिए जब परिवार के सदस्यों में से एक सदस्य के पास कोई एक विशेष दिन होता है, तो परिवार के बाकी सदस्य यह सोचते हुए उत्सुक होते हैं कि उसके लिए क्या उपहार तैयार करें। फिर, जब हम अपने आत्मिक घर स्वर्ग वापस जाएं, तब हमें अपने आत्मिक माता–पिता, यानी पिता परमेश्वर और माता परमेश्वर को क्या देना चाहिए? परमेश्वर के लिए सबसे मनपसंद उपहार क्या है? हमने परमेश्वर की संतानों के रूप में अब तक सिर्फ परमेश्वर से पाया है; जीवन, प्रेम और बाकी सब कुछ पाया है। अब ...

विश्वास का तेल

믿음의 기름

स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने के लिए हमें विश्वास की निश्चित ही आवश्यकता है। जैसे बाइबल कहती है, “विश्वास के बिना परमेश्वर को प्रसन्न करना अनहोना है(इब्र 11:6),” विश्वास एक आवश्यक तत्व है जो स्वर्ग के राज्य में जाने के लिए हमारे पास होना चाहिए। तब, यह जानने का तरीका क्या है कि हमारे पास कितना विश्वास है? जब हम बीमार होते हैं, तब हमारा शरीर लक्षण दिखाता है। उसी तरह, जब हम अपने हृदयों को विश्वास से भरने में नाकाम हों, तब हम आत्मिक बीमारी के बहुत से लक्षण दिखाएंगे; हम हमेशा कुड़कुड़ाते और शिकायत करते हैं, परमेश्वर के वचनों पर संदेह करते हैं और परमेश्वर की शक्ति पर विश्वास नहीं करते। ऐसे गलत विचारों और व्यवहारों की श्रृंखला...

जीवन का मार्ग और स्वर्गीय माता

생명의 길과 하늘 어머니

शुरुआत में, मार्ग उन पदचिन्हों के निशानों के अनुसार बनाया जाता है जिन्हें कोई एक व्यक्ति लगातार गंतव्य की ओर जाते हुए या वहां से वापस आते हुए छोड़ता है। भले ही पहले किसी जगह में मार्ग मौजूद नहीं था, लेकिन वहां से गुजरने वाले एक राहगीर से मार्ग शुरू किया जाता है और वह थोड़ा–थोड़ा करके ज्यादा स्पष्ट दिखाई देने लगता है, ताकि बहुत लोग उस पर आ–जा सकें। आत्मिक रीति से देखा जाए, तो हमारी आत्माओं के लिए दो प्रकार के मार्ग हैं। पहला स्वर्ग का मार्ग है, जिसे परमेश्वर ने हमारे उद्धार के लिए स्वर्ग से इस पृथ्वी तक आते हुए और फिर इस पृथ्वी से स्वर्ग तक जाते हुए बनाया है। दूसरा नरक का मार्ग है, जिसे शैतान ने अपने दूतों को लेकर इस पृथ्वी...

ज्योति और अंधकार

빛과 어두움

समय बिना रुके चलता रहता है जब हम सोते हैं, काम करते हैं, आराम लेते हैं और खाते हैं; चाहे हम कुछ भी करें, समय बीतता जाता है। चूंकि हम समय को बहता हुआ नहीं देख सकते, इसलिए हमने एक उपकरण का आविष्कार किया है, जिससे हम दिखाई न देने वाले समय को देख सकते हैं। वह घड़ी है। आत्मिक रूप से भी ऐसा ही है। चूंकि हम दिखाई देनेवाली शारीरिक दुनिया में रहते हैं, इसलिए हम आत्मिक दुनिया की चीजों को देख या महसूस नहीं कर सकते। जैसे दिखाई न देने वाले समय के बहाव को मापने और देखने के लिए एक घड़ी बनाई गई, ठीक वैसे ही हमें उस आत्मिक दुनिया को दिखाने के लिए जिसे हम देख नहीं सकते, परमेश्वर ने एक उपकरण बनाया है। वह बाइबल है। कौन स्वर्ग जाएगा और कौ...

स्वर्गीय मूल्य और स्वर्गीय गणना–पद्धति

천국의 가치관과 천국의 계산법

दुनिया में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति का मूल्य गिनने का अपना मानक और तरीका होता है। कुछ लोग भौतिक चीजों या धन–दौलत को ज्यादा मूल्य देते हैं, कुछ लोग ज्ञान को ज्यादा मूल्य देते हैं, और कुछ लोग मनोरंजन या शौक को ज्यादा मूल्य देते हैं। दुनिया के लोगों के विपरीत, हम अदृश्य और अनन्त चीजों की आशा करते हैं। चूंकि हम “स्वर्ग के नागरिक” हैं, इसलिए हमें ‘लोग इसके बारे में क्या सोचेंगे?’ सोचने के बजाय ऐसा सोचना चाहिए कि, ‘परमेश्वर इसके बारे में क्या सोचेंगे?’ इस तरह हमें स्वर्गीय मानकों को प्राथमिकता देने की जरूरत है(2कुर 4:18; फिलि 3:20)। स्वर्गीय मानकों के अनुसार, हम सभी मूल्यवान हैं। सड़क के किनारे लुढ़कने वाले एक पत्थर के ट...

700 करोड़ लोगों को प्रचार करना और माता का प्रोत्साहन

70억 전도와 어머니의 응원

हर कोई अपने आत्मिक घर की कमी महसूस करता है जो खुशी और हर्ष से भरपूर रहता है, और वहां जाने की कामना करता है। लेकिन स्वर्ग जाने के लिए हमें पहले पृथ्वी पर अपने दिए हुए जीवन के सही मार्ग पर पूरी तरह चलना चाहिए। जिस प्रकार इस्राएली 40 वर्ष तक जंगल के मार्ग पर चलने के बाद ही कनान देश में पहुंच सके, उसी प्रकार हम तभी स्वर्ग में पहुंच सकेंगे जब हम आत्मिक जंगल, यानी विश्वास के मार्ग पर पूरी तरह चलेंगे जिस पर पिता चले और माता आज चल रही हैं। हम अपने पापों के कारण इस पृथ्वी पर निकाल दिए गए हैं। अपनी पापी संतानों को स्वर्ग के राज्य में लौटाने के लिए, परमेश्वर ने उनके स्वर्ग वापस जाने की यात्रा में “प्रचार” नामक एक प्रक्रिया को ...

स्वर्ग के शब्द और उद्धार के शब्द

천국 말과 구원의 말

आज सिय्योन के सदस्यों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और भविष्यवाणी के अनुसार बड़ी भीड़ इकट्ठी होकर आ रही है। इसलिए उनमें से कुछ ऐसे सदस्य हैं जिन्होंने सिय्योन में शिष्टता से बोलना नहीं सीखा है और बाइबल की शिक्षाओं को नहीं समझा है, और इसलिए वे संसार के द्वारा सीखे गए रीति–रिवाज के अनुसार बोलना जारी रखते हैं। नया वर्ष 2016 आरम्भ होने से पहले आइए हम यह सोचने का समय लें कि हम कैसे स्वर्ग के शब्द और उद्धार के शब्द बोल सकते हैं। “आनन्द” शब्द बोलने की आदत डालने से स्वर्ग का आनन्द फैल जाता है कुछ समय पहले मुझे एक सदस्य का ईमेल पत्र मिला, जिसमें लिखा था कि उसके चर्च का पुरोहित–कर्मचारी और उसकी पत्नी परमेश्वर के वचनों के अनुरूप सु...

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