한국어 English 日本語 中文 Deutsch Español Tiếng Việt Português Русский लॉग इनरजिस्टर

लॉग इन

आपका स्वागत है

Thank you for visiting the World Mission Society Church of God website.

You can log on to access the Members Only area of the website.
लॉग इन
आईडी
पासवर्ड

क्या पासवर्ड भूल गए है? / रजिस्टर

टेक्स्ट उपदेश

한국어 제목표시
टेक्स्ट उपदेशों को प्रिंट करना या उसका प्रेषण करना निषेध है। कृपया जो भी आपने एहसास प्राप्त किया, उसे आपके मन में रखिए और उसकी सिय्योन की सुगंध दूसरों के साथ बांटिए।

पृष्ठ »

prev1 2 3 4 5 6 7 8 9 ... 19 20next

एक व्यक्ति की भूमिका

한 사람의 역할

प्रत्येक व्यक्ति एक निश्चित कार्यभार के साथ जन्म लेता है। इसलिए इस पृथ्वी परजन्मा कोई भी व्यक्ति निकम्मा नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति छोटे या बड़े पैमाने पर, दूसरे लोगों के जीवन को प्रभावित करते हुए मानव इतिहास में एक भूमिका नीभा रहा है। मैं ने एक बार “पेड़ लगाने वाला मनुष्य” नामक कहानी पढ़ी थी। एक सुनसान और उजाड़ पहाड़ी इलाके में, कहानी का कथावाचक एक दिन एक मनुष्य से मिला जो प्रतिदिन 100 शाहबलूत के बीज बोता था। कुछ साल बीत गए, और जब वह कथावाचक फिर से उसी जगह पर गया, तो आश्चर्यजनक रूप से वह उजाड़ भूमि सुंदर और उपजाऊ बन गई थी। उस एक मनुष्य के कारण जिसने यह न सोचते हुए कि लोग उसको समझेंगे कि नहीं, प्रतिदिन शाहबलूत के पेड़ लगाए ...

मसीह के समान

그리스도처럼

एक समय में, यीशु के जीवन के अंतिम कुछ क्षणों को चित्रित करती फिल्म “द पैशन ऑफ द क्राइस्ट” ने पूरे विश्व में हलचल मचा दी थी। फिल्म फसह के पर्व के बाद की मसीह की वेदना को चित्रित करती है, और उसका अंत उनके पुनरुत्थान के साथ होता है। यदि आसान शब्दों में कहे, तो उस फिल्म ने यीशु के हमारी आत्माओं को उद्धार देने के लिए एक गेहूं का दाना बनने की प्रक्रिया को सजीव ढंग से चित्रित किया था। मसीह के समान, हमें भी अपने आपको एक गेहूं के दाने की तरह किसी का जीवन बचाने के लिए समर्पित करना चाहिए। अब, आइए हम बाइबल के द्वारा बहुत लोगों के जीवन को बचाने के लिए अपना बलिदान करने वाले मसीह का और उस नई वाचा का गहराई से अध्ययन करें जो उन्होंने अप...

पहरेदारों का कार्य और वर्तमान समय के चिन्ह

파수꾼의 사명과 시대의 징조

पहरेदार वह है जो किसी वस्तु या व्यक्ति पर पहरा देता है। पहरेदार का कार्य है कि चाहे लोग सोते हों, उसे जागते रहना चाहिए, और सब वस्तुओं पर करीबी नजर रखना चाहिए ताकि यदि किसी शत्रु के आक्रमण या किसी विपत्ति का चिन्ह दिखाई दे तो वह उसके बारे में लोगों को बताकर उन्हें तैयार रहने के लिए मदद कर सके। परमेश्वर ने सिय्योन की सन्तानों को आत्मिक पहरेदार का कार्य सौंपा है। आत्मिक पहरेदार का कार्य यह है कि चाहे संसार के लोग सुनें या न सुनें, उन्हें विपत्तियों से बचने में मदद करने के लिए और उद्धार की ओर उनकी अगुआई करने के लिए, परमेश्वर के वचनों के द्वारा उन्हें जगाना है।(यहेज 3:11, 17–18) इन दिनों घटित हो रही बहुत सी विपत्तियां मनु...

भाइयों की सुंदर एकता

형제의 아름다운 연합

जैसा कि परमेश्वर ने कहा है कि, “मैं यहोवा हूं; ठीक समय पर यह सब कुछ शीघ्रता से पूरा करूंगा,” परमेश्वर बिना आराम किये हमारे उद्धार के लिए कार्य कर रहे हैं। इन दिनों में, हमें पवित्र नगर सिय्योन में एक दूसरे से एकता से मिल कर, परमेश्वर की इच्छा के अनुसार स्वर्ग के राज्य का सुसमाचार और भी उत्सुकता से प्रचार करना चाहिए। भाइयों की एकता से परमेश्वर प्रसन्न होते हैं फिलि 2:1–2 अत: यदि मसीह में कुछ शान्ति, और प्रेम से ढाढ़स, और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करुणा और दया है, तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो, और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो। बाइबल बार–बार कहती है कि, “एक तरह से सोचो,” “परस्पर एक जैसा प्रेम ...

मनुष्य जिसका परमेश्वर इस्तेमाल करते हैं

하나님께서 쓰시는 사람

परमेश्वर ने कहा है, “जिन्हें नई वाचा सौंपी गई है वे यदि ‘दीनता’ शब्द को अपने मन में अंकित कर लें, तो परमेश्वर का सुसमाचार अत्यन्त समृद्ध हो जाएगा।” नबियों से लेकर नए सदस्यों तक, आइए हम सब दीनता के बारे में सोचें और हम सब उस गुण को धारण करने वाले सुसमाचार के सेवक बन जाएं। मसीह के जैसा दीनता का गुण धारण करो फिलि 2:1–8 ... पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। हर एक अपने ही हित की नहीं, वरन् दूसरों के हित की भी चिन्ता करे। जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो। जिसने परमेश्वर के स्वरूप में होकर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा। वरन् अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और ...

प्रेरित पौलुस का प्रचार

사도 바울의 전도

हमारे विश्वास के जीवन में, कभी–कभी हम प्रतिकूल परिस्थितियों के वश में होकर परेशानियों का सामना करते हैं। जब हम तकलीफ आने पर उसी समय उस पर विजय नहीं पाते और उससे समझौता करते हैं, तो परिस्थिति और भी ज्यादा बिगड़ जाती है और हमारा विश्वास संकट में पड़ जाता है। किसी भी परिस्थिति में, हमें परमेश्वर के प्रति अपने प्रेम को न खोते हुए, उन तकलीफों पर विजय पानी चाहिए और परमेश्वर में मजबूत विश्वास के साथ सुसमाचार का प्रचार करना चाहिए। सच्चे विश्वास पर परिस्थितियों का प्रभाव नहीं होता अब, मैं एक बहन का उदाहरण दूंगा। एक दिन, उसने अपने बच्चे को चर्च के किसी सदस्य के पास देखभाल करने के लिए छोड़ा और कुछ महत्वपूर्ण काम–काज के लिए बाहर चल...

हे परमेश्वर के जन

너, 하나님의 사람아

हम सब पापी हैं जो पापों के कारण स्वर्ग से निकाल दिए गए थे और पृथ्वी पर गिरा दिए गए थे। मसीह के निष्कलंक और निर्दोष लहू के द्वारा, परमेश्वर ने हमें छुटकारा, यानी पापों की क्षमा दी है, ताकि हम फिर से जन्म ले सकें और परमेश्वर की संतान बन सकें और अपने स्वर्गीय देश वापस जा सकें। हम, परमेश्वर के मनुष्यों को परमेश्वर से पहले क्या मांगना चाहिए? हम, परमेश्वर की संतानों के लिए परमेश्वर की क्या इच्छा है? वह जीवन है, अनन्त जीवन। परमेश्वर सबसे ज्यादा यह चाहते हैं कि उनकी संतान अनन्त जीवन प्राप्त करें और स्वर्ग के राज्य में खुशी से रहें। विश्वास की अच्छी कुश्ती लड़कर, अनन्त जीवन को धर लो 1तीम 6:11–12 पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातो...

जाओ, लोगों को चेला बनाओ

너희는 가서 제자를 삼으라

परमेश्वर ने हमसे कहा है, “जाओ, सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ।” इस वचन के अनुसार, हम सोचते हैं कि यह कार्य किसी अन्य कार्य से अधिक महत्वपूर्ण है, और लोगों को चेले बनाने की कोशिश करते हैं। जो भी हो, सभी सदस्य इस कार्य के लिए योग्य नहीं ठहरते। इस समय प्रचारक जिन्हें परमेश्वर भेजने के लिए प्रसन्न होते हैं उनकी योग्यताओं का अध्ययन करने के द्वारा, आइए हम स्वयं पर विचार करें और जांच करें कि हम सुसमाचार के प्रचारक के लिए योग्य हैं या नहीं। मत 28:16–20 ... इसलिये तुम जाओ, सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ; और उन्हें पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो, और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना ...

prev1 2 3 4 5 6 7 8 9 ... 19 20next