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मसीह आन सांग होंग का आगमन

2,000 वर्ष पहले, मानवजाति को बचाने के लिए यीशु का जन्म इस पृथ्वी पर हुआ था। 30 वर्ष की आयु में उनका बपतिस्मा हुआ था, और उन्होंने लगभग साढ़े तीन सालों की अपनी सेवकाई के दौरान नई वाचा के सुसमाचार का प्रचार किया। अपने मिशन को पूरा करने के बाद, वह स्वर्ग को चले गए।

जब मसीह स्वर्ग को चले गए, तब उन्होंने इस पृथ्वी पर वापस आने की प्रतिज्ञा की(प्रे 1:6–11)। वर्ष 2018 मसीह आन सांग होंग जो बाइबल की भविष्यवाणियों के अनुसार दूसरी बार आए यीशु हैं, उनके जन्मदिवस की 100वीं सालगिरह का अर्थपूर्ण वर्ष है। आइए हम बाइबल के द्वारा खोजें कि क्यों परमेश्वर इस पृथ्वी पर आए।

अंधेरी दुनिया जहां सत्य अस्पष्ट है



यीशु के स्वर्गारोहण के बाद, इस पृथ्वी में कई परिवर्तन आए। हमारे दुश्मन शैतान ने सोचा कि वह आसानी से परमेश्वर की संतानों का नियंत्रण कर सकता है क्योंकि परमेश्वर यहां पृथ्वी पर नहीं हैं, और वह परमेश्वर के नियत समयों और व्यवस्था को बदलने लगा।

प्रेरितों के युग के अन्त से प्रथम चर्च के सत्य एक के बाद एक बदलने लगे। तब चर्च ने अपने पहले प्रेम को खोया और आराम का पीछा किया। विश्वास की मानसिकता जिसे परमेश्वर के लोगों ने गंभीर अत्याचार में भी रखा था, तेजी से फीकी पड़ गई क्योंकि चौथी शताब्दी की शुरुआत में सम्राट कॉनस्टॅन्टीन ने ईसाई धर्म को अनुमोदित किया और ईसाइयों के प्रति सुलह नीतियों को अपनाया। चर्च ने परमेश्वर की व्यवस्था के बजाय मनुष्यों के सिद्धांतों और रीतियों को स्वीकार किया। 321 ई. में, सब्त मिटा दिया गया क्योंकि रविवार छुट्टी और आराधना करने का आधिकारिक दिन बन गया, और 325 ई. में, निकिया की परिषद में फसह मिटा दिया गया। उसके बाद, क्रिसमस और क्रूस की उपासना चर्च में लाई गई जो बाइबल पर आधारित नहीं हैं।

जंगली बीज के दृष्टांत के द्वारा, यीशु ने पहले ही से दिखाया कि यह चीजें होंगी। जैसे यीशु ने कहा था कि शत्रु, शैतान ने आकर गेहूं के बीच जंगली बीज बोया, ठीक वैसे ही प्रेरितों के युग के अन्त से कुकर्म के बीज बोए गए और बढ़ने लगे, और उद्धार का सत्य नई वाचा पृथ्वी से गायब हो गई।

जैसे ही सत्य जो ज्योति है, गायब हो गया, तो अंधकार युग आ गया। जब घोर अंधकार में सत्य की पहचान कराने या सिखाने वाला कोई नहीं था, तब परमेश्वर इस पृथ्वी पर आए। यह इसलिए क्योंकि उनके फिर से आए बिना जीवन का सत्य मनुष्यों के लिए पुन:स्थापित नहीं हो सकता था। सत्य के पुन:स्थापित हुए बिना, हम पापों की क्षमा नहीं पा सकते, और पापों की क्षमा के बिना हमारे लिए स्वर्ग का मार्ग नहीं खोला जा सकता।

1कुर 4:5 इसलिए जब तक प्रभु न आए, समय से पहले किसी बात का न्याय न करो: वही अन्धकार की छिपी बातें ज्योति में दिखाएगा, और मनों की अभिप्रायों को प्रगट करेगा, तब परमेश्वर की ओर से हर एक की प्रशंसा होगी।

अंधकार में, कोई भी नहीं कह सकता कि सत्य क्या है और कौन सा मार्ग स्वर्ग का मार्ग है। जब मसीह आकर अंधकार की छिपी बातें ज्योति में दिखाएंगे और मनों के अभिप्रायों को प्रगट करेंगे, तब हम झूठ में से सत्य को, अंधकार में से ज्योति को, बुरे में से भले को, और नरक के मार्ग से स्वर्ग के मार्ग को पहचान सकते हैं। दुष्ट दास और धर्मी दास, आलसी दास और ईमानदार और बुद्धिमान दास को भी एक दूसरे से स्पष्ट रूप से पहचाना जा सकता है।

वह हमको अपने मार्ग सिखाएंगे



मनुष्य के बनाए नियम, जो आज दुनिया में प्रचलित हैं, वह राज्य का सुसमाचार नहीं हैं। सिर्फ जब परमेश्वर स्वयं आकर प्रथम चर्च के सत्य को पुन:स्थापित करें, तब सुसमाचार सामरिया में और पृथ्वी की छोर तक प्रचार किया जा सकता है।

मत 28:18–20 यीशु ने उनके पास आकर कहा, “स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिये तुम जाओ, सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ; और उन्हें पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो, और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ...”

जब पवित्र आत्मा के युग में परमेश्वर आकर सत्य को पुन:स्थापित करते हैं, तब परमेश्वर के लोग उनकी शिक्षाएं सीखेंगे और वे पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम से लोगों को बपतिस्मा देने का और सब जातियों में सत्य के मार्ग की घोषणा करने का अनुग्रहपूर्ण कार्य करेंगे।

दान 7:19–21 “तब मेरे मन में यह इच्छा हुई कि उस चौथे जन्तु का भेद भी जान लूं जो अन्य तीनों से भिन्न और अति भयंकर था और जिसके दांत लोहे के और नख पीतल के थे; वह सब कुछ खा डालता, और चूर चूर करता, और बचे हुए को पैरों से रौंद डालता था। फिर उसके सिर में के दस सींगों का भेद, और जिस नये सींग के निकलने से तीन सींग गिर गए, अर्थात् जिस सींग की आंखें और बड़ा बोल बोलनेवाला मुंह और सब अन्य सींगों से अधिक भयंकर था, उसका भी भेद जानने की मुझे इच्छा हुई। फिर मैं ने देखा था कि वह सींग पवित्र लोगों के संग लड़ाई करके उन पर उस समय तक प्रबल भी हो गया।

दानिय्येल 7वें अध्याय में चौथा जन्तु रोमन साम्राज्य को दर्शाता है। जैसे भविष्यवाणी की गई थी कि छोटा सींग निकलेगा और तीन सींगों को उखाड़ेगा, ठीक वैसे रोमन पोप ने विभाजित हुए रोम के दस राज्यों में से इन तीन राज्य – हेरूली, वेंडाल्स, और ऑस्ट्रोगोथ्स को नष्ट कर दिया, और उसने अपनी स्थिति को दृढ़ किया। जब परमेश्वर इस पृथ्वी पर थे, तब उनके लोग विजयी थे। लेकिन, उनके स्वर्गारोहण के बाद, छोटे सींग के द्वारा वे पराजित हुए। दूसरे शब्दों में, रोमन पोप ने सब्त और फसह सहित परमेश्वर के नियत समय और व्यवस्था को बदल दिया। बाइबल उसका वर्णन संतों पर छोटे सींग की विजय के रूप में करती है।

अंधकार युग के समय से, बहुत से बाइबल के विद्वान और ईसाई संप्रदाय प्रकट हुए हैं। हालांकि, उनमें से कोई भी नई वाचा की व्यवस्थाओं को जो खो गई थीं, पुन:स्थापित नहीं कर सका, और वे बस दावा करते हैं कि सिर्फ वे ही सच्चा चर्च हैं। कोई भी मनुष्य सत्य नहीं खोज सकता क्योंकि वे सब आत्मिक रूप से अंधे हैं: वे देखते हुए भी नहीं देखते और वे अपने हृदयों से नहीं समझते। केवल परमेश्वर सत्य को पुन:स्थापित कर सकते हैं।

दान 7:22 जब तक वह अति प्राचीन न आया, और परमप्रधान के पवित्र लोग न्यायी न ठहरे, और उन पवित्र लोगों के राज्याधिकारी होने का समय न आ पहुंचा।

दान 7:22 (टीईवी) फिर वह सदा के लिए रहनेवाला आया, और परमप्रधान परमेश्वर के पवित्र लोगों को न्यायी ठहराया। परमेश्वर के लोगों के लिए शाही अधिकार प्राप्त करने का समय आ गया है।


दानिय्येल 7 वें अध्याय में, हम उस दृश्य को देख सकते हैं जहां परमेश्वर के लोग राज्याधिकारी होते हैं, जब परमेश्वर इस पृथ्वी पर आकर उनके अधिकार, नई वाचा के सत्य को पुन:स्थापित करते हैं। इस भविष्यवाणी के अनुसार, आज हम सिय्योन में फसह और सब्त सहित तीन बार में सात पर्व इत्यादि नई वाचा की व्यवस्था मना रहे हैं। हजारों वर्षों के लिए, शैतान ने लोगों के हृदयों को बन्द किया था ताकि वे गलतफहमी से झूठ को सत्य समझें। लेकिन, परमेश्वर ने आकर उनके हृदय के दरवाजे को तोड़ दिया।

मी 4:1–2 अन्त के दिनों में ऐसा होगा कि यहोवा के भवन का पर्वत सब पहाड़ों पर दृढ़ किया जाएगा, और सब पहाड़ियों से अधिक ऊंचा किया जाएगा; और हर जाति के लोग धारा के समान उसकी ओर चलेंगे, और बहुत सी जातियों के लोग जाएंगे, और आपस में कहेंगे, “आओ, हम यहोवा के पर्वत पर चढ़कर, याकूब के परमेश्वर के भवन में जाएं; तब वह हम को अपने मार्ग सिखाएगा...”

यह भविष्यवाणी की गई है कि जब परमेश्वर स्वयं आएंगे और लोगों को अपने मार्ग सिखाएंगे, तब बहुत से लोग इकट्ठे होकर उनके पास आएंगे। हम अपनी खुदकी सामर्थ्य और बुद्धि से परमेश्वर के लोगों के अधिकार को पुन:स्थापित नहीं कर सकते। चूंकि परमेश्वर आए हैं, इसलिए मानवजाति के लिए जीवन का मार्ग खुल गया है। मसीह आन सांग होंग का आगमन मानवजाति के इतिहास में सबसे महान और सबसे महत्वपूर्ण घटना है क्योंकि उन्होंने मनुष्यों को शैतान की जंजीरों और मृत्यु के मार्ग से छुड़ाया और जीवन के मार्ग में उनका नेतृत्व किया।

उद्धार की ओर अगुवाई करने वाले सत्य, नई वाचा की घोषणा



यदि पिता हमें अपने मार्ग सिखाने के लिए इस पृथ्वी पर शरीर में नहीं आए होते, तो आज हम सत्य को पुन:स्थापित करने में सक्षम नहीं होते; हम आखिरकार उद्धार, पापों की क्षमा, अनन्त जीवन और स्वर्ग के राज्य के बारे में जानने में असक्षम हो गए होते और स्वर्गीय माता को भी पहचानने में नाकाम हो गए होते जो हमारे साथ हैं।

इब्र 9:28 वैसे ही मसीह भी बहुतों के पापों को उठा लेने के लिये एक बार बलिदान हुआ; और जो लोग उसकी बाट जोहते हैं, उनके उद्धार के लिये दूसरी बार बिना पाप उठाए हुए दिखाई देगा।

यह वचन सूचित करता है कि जब तक मसीह इस पृथ्वी पर दूसरी बार नहीं आते, तब तक हम बचाए नहीं जा सकते। मनुष्यों के लिए जो खुद जीवन का मार्ग नहीं खोज सकते, सिर्फ सदा तक मरना नियुक्त किया गया अंधेरा भविष्य था। हालांकि, चूंकि पिता इस पृथ्वी पर आए, उद्धार का मार्ग व्यापक रूप से खोला गया है।

यश 25:6–9 सेनाओं का यहोवा इसी पर्वत पर सब देशों के लोगों के लिये ऐसा भोज तैयार करेगा जिसमें भांति भांति का चिकना भोजन और निथरा हुआ दाखमधु होगा; उत्तम से उत्तम चिकना भोजन और बहुत ही निथरा हुआ दाखमधु होगा। और जो पर्दा सब देशों के लोगों पर पड़ा है, जो घूंघट सब जातियों पर लटका हुआ है, उसे वह इसी पर्वत पर नष्ट करेगा। वह मृत्यु का सदा के लिये नाश करेगा, और प्रभु यहोवा सभों के मुख पर से आंसू पोंछ डालेगा, और अपनी प्रजा की नामधराई सारी पृथ्वी पर से दूर करेगा; क्योंकि यहोवा ने ऐसा कहा है।उस समय यह कहा जाएगा, “देखो, हमारा परमेश्वर यही है, हम इसी की बाट जोहते आए हैं, कि वह हमारा उद्धार करे। यहोवा यही है; हम उसकी बाट जोहते आए हैं। हम उससे उद्धार पाकर मगन और आनन्दित होंगे।”

बाइबल की 66 पुस्तकों में, एकमात्र दाखमधु जो मृत्यु का सदा के लिए नाश करता है, फसह का दाखमधु है जिसमें अनन्त जीवन की प्रतिज्ञा है। इस पवित्र आत्मा के युग, यानी इन अंतिम दिनों में मसीह आन सांग होंग आए हैं और “निथरा हुआ दाखमधु,” फसह का सत्य प्रदान किया है जो 325 ई. से 1,600 वर्षों के लंबे समय तक खोया हुआ था। तब आखिरकार जीवन का मार्ग खोला गया।

नबी यशायाह कहता है कि जो जीवन के सत्य को पुन:स्थापित करता है जो लंबे समय से गुप्त था, और अपनी संतानों के लिए फसह की रोटी और दाखमधु से उद्धार की घोषणा करता है, वह हमारे परमेश्वर हैं। बाइबल बार बार कहती है कि जब परमेश्वर इस पृथ्वी पर शरीर में आएंगे, तब खोया हुआ सत्य पुन:स्थापित होगा और वह जो खोए हुए सत्य को पुन:स्थापित करता है, हमारे परमेश्वर हैं।

स्वर्गीय माता के सत्य की घोषणा



यदि मसीह आन सांग होंग इस पृथ्वी पर नहीं आए होते, तो नई वाचा के फसह और तीन बार में सात पर्व सहित स्वर्गीय माता के सत्य की घोषणा करना असंभव हुआ होता। बाइबल परमेश्वर का वर्णन, “एलोहीम” यानी बहुवचन रूप में करती है, और परमेश्वर ने यह कहते हुए मानवजाति की सृष्टि की, “हम मनुष्य को बनाएं।” तब पिता के स्वरूप में नर को और माता के स्वरूप में नारी को बनाया गया। हालांकि, शैतान ने लोगों को इस तथ्य का इनकार करने दिया। स्वर्गीय माता का निश्चित ही अस्तित्व है, परन्तु उसने सत्य को ऐसा प्रतीत होने दिया कि ऐसा लगे कि माता का अस्तित्व नहीं है।

लेकिन, पिता दूसरी बार इस पृथ्वी पर आए और उन्होंने हमें नई वाचा की व्यवस्था के द्वारा स्वर्गीय यरूशलेम, हमारी माता को महसूस करने दिया। जैसे बाइबल कहती है कि व्यवस्था मसीह तक पहुंचाने के लिए हमारी शिक्षक हुई है, ठीक वैसे पुराने नियम में मूसा की व्यवस्था ने लोगों के हृदयों का यीशु मसीह की ओर नेतृत्व किया और नई वाचा के सभी सत्य आखिरकार हमें स्वर्गीय माता की ओर नेतृत्व करने की भूमिका निभा रहे हैं(गल 3:24; 4:21–26)।

इसी लिए व्यवस्था महत्वपूर्ण है। जब हम परमेश्वर की व्यवस्था को जानते हैं, तब हम परमेश्वर के बारे में जान सकते हैं। भले ही झूठे मसीह यहां और वहां प्रगट होते हैं और कहते हैं, “मैं मसीह हूं,” लेकिन जो परमेश्वर की व्यवस्था को जानते हैं, वे झूठ और सत्य के बीच अंतर कर सकते हैं। इसलिए शैतान लोगों को परमेश्वर को महसूस करने से रोकने के लिए पागलों की तरह परमेश्वर के नियत समयों और व्यवस्था को मिटाने की कोशिश कर रहा था।

दान 7:23–25 “उसने कहा, ‘उस चौथे जन्तु का अर्थ, एक चौथा राज्य है, जो पृथ्वी पर होकर और सब राज्यों से भिन्न होगा, और सारी पृथ्वी का नाश करेगा, और दांवकर चूर–चूर करेगा। उन दस सींगों का अर्थ यह है, कि उस राज्य में से दस राजा उठेंगे, और उसके बाद उन पहिलों से भिन्न एक और राजा उठेगा, जो तीन राजाओं को गिरा देगा, और वह परमप्रधान के विरुद्ध बातें कहेगा, और परमप्रधान के पवित्र लोगों को पीस डालेगा, और समयों और व्यवस्था के बदल देने की आशा करेगा, वरन् साढ़े तीन काल तक वे सब उसके वश में कर दिए जाएंगे।’”

शैतान की सेना ने परमप्रधान परमेश्वर का विरोध किया और उनके पवित्र लोगों को पीस डाला। इसलिए 1,260 वर्षों के अंधकार युग यानी साढ़े तीन काल के समय के दौरान बहुत से लोग मार डाले गए। लेकिन, प्रभुता और शक्ति जो उनके पास हैं, वे अनन्त नहीं हैं; वे उनसे ले लिए जाएंगे।

दान 7:26–27 परन्तु, तब न्यायी बैठेंगे, और उसकी प्रभुता छीनकर मिटाई और नष्ट की जाएगी; यहां तक कि उसका अन्त ही हो जाएगा। तब राज्य और प्रभुता और धरती पर के राज्य की महिमा, परमप्रधान ही की प्रजा अर्थात् उसके पवित्र लोगों को दी जाएगी, उसका राज्य सदा का राज्य है, और सब प्रभुता करनेवाले उसके अधीन होंगे और उसकी आज्ञा मानेंगे...

आखिर में, शैतान की सारी प्रभुता छीन ली जाएगी। चूंकि पिता इस पृथ्वी पर आए और माता हमारे साथ हैं, हमारे खोए हुए भाई और बहनें बाइबल की भविष्यवाणी के अनुसार सिय्योन में लौट रहे हैं और झूठ और सत्य में फर्क कर रहे हैं। चूंकि हम वह प्रचार करते हैं जो परमेश्वर ने आकर हमें सिखाया, तो सत्य के लोगों की आंखें, कान और हृदय खुल गए हैं और वे दुनिया भर से सिय्योन की ओर लौट रहे हैं।

परमेश्वर दुनिया भर में तेजी से सुसमाचार फैलने में मदद कर रहे हैं। 2017 में, पिता और माता ने हमें बहुत से सिय्योन से आशीषित किया है, और दुनिया के सभी भागों में 7,000 से अधिक सिय्योन अब ज्योति चमका रहे हैं। यह ऐसी छोटी सी कालावधि में पूरा हुआ है। शैतान की शक्ति नष्ट की जा रही है।

किसी के पास भी खोए हुए सत्य को पुन:स्थापित करने की शक्ति नहीं है। यदि पिता इस पृथ्वी पर नहीं आते, तो हम खुद कभी भी माता को नहीं जान पाते। जैसे बाइबल कहती है कि यहोवा यरूशलेम को स्थिर करेगा और उसे सब जातियों को जानने देगा, और यह कि आदम ने यह कहते हुए कि “अब यह मेरी हड्डियों में की हड्डी और मेरे मांस में का मांस है,” अपनी पत्नी का नाम हव्वा रखा, जिसका अर्थ “जीवन” है, और गवाही दी कि “वह सभी मनुष्यों की आदिमाता है,” ठीक वैसे दूसरी बार आने वाले मसीह जो आदम के रूप में दर्शाए गए हैं, सभी बचाए जानेवालों की माता के बारे में गवाही देते हैं(यश 62:7; उत 2:23; 3:20; रो 5:14)।

पिता इस पृथ्वी पर आए और हमें जीवन का सत्य – नई वाचा और स्वर्गीय माता को खोजने दिया, और उन्होंने आखिरी भविष्यसूचक जगह सिय्योन में जहां आत्मा और दुल्हिन हमें बुलाते हैं, हमारा नेतृत्व किया। परमेश्वर ने आकर सत्य को पुन:स्थापित किया, जिसमें अब हम रह रहे हैं। परिणाम स्वरूप, हमें पापों की क्षमा का अनुग्रह, स्वर्ग की आशीष और साथ ही अनन्त जीवन की आशा भी मिली है।

आशा जो हमारे पास है, वह सत्य से आती है जिसे परमेश्वर ने स्वीकृत किया है। सिय्योन के भाइयो और बहनो! पिता आन सांग होंग ने हमें स्वर्ग का मार्ग सिखाया है, और स्वर्गीय माता हमारे साथ हैं और उद्धार के कार्य को चला रही हैं। उनके महान अनुग्रह के बारे में फिर से सोचकर, आइए हम पृथ्वी की छोर तक इस सुसमाचार का प्रचार करें और अन्त तक विश्वास बनाए रखें।