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जहां कहीं हम जाते हैं, परमेश्वर हमारे साथ होते हैं

2016 की शुरुआत में सिय्योन में हमारे भाइयों और बहनों ने एलोहीम परमेश्वर की उपस्थिति में सभी सात अरब लोगों को सुसमाचार का प्रचार करने का संकल्प लिया। तो आज हम यह विजय का समाचार सुनते हैं कि सदस्य यह विश्वास करके कि राज्य का सुसमाचार संसार के सभी लोगों को अवश्य प्रचार किया जाएगा, जहां कहीं यरूशलेम की महिमा की ज्योति चमकाते हैं, वहां बहुत सी आत्माएं परमेश्वर की बांहों में वापस आती हैं।

परमेश्वर हमारे हर एक काम में मदद करते हैं जो हम उनकी पवित्र इच्छा का पालन करने के लिए करते हैं, और हमारी विजय के लिए महिमा का मार्ग तैयार करते हैं। जहां कहीं भी हम जाएं, वहां परमेश्वर ने हमारे साथ होने का वादा किया है और हमें पूरी निडरता से सुसमाचार का प्रचार करने को कहा है। मैं आशा करता हूं कि आप सामरिया और पृथ्वी की छोर तक सुसमाचार का प्रचार करके बहुतायत से फल उत्पन्न करें।

जहां कहीं एलिय्याह जाता था, परमेश्वर उसके साथ होते थे


हाल ही में हम दुनिया भर के सिय्योन के सदस्यों से यह सुन रहे हैं कि जहां कहीं सदस्य स्वर्गीय पिता और माता की इच्छा के प्रति विश्वासयोग्य आज्ञाकारी होते हैं और मेहनत से सुसमाचार का प्रचार करते हैं, वहां परमेश्वर उन्हें बहुतायत से अच्छे फलों को उत्पन्न करने देते हैं जिनका उन्होंने पहले कभी अनुभव नहीं किया था। बाइबल जिसमें परमेश्वर के पवित्र वचन हैं, उसके द्वारा आइए हम पुष्टि करें कि ऐसा अद्भुत कार्य उन पर प्रकट होता है जो परमेश्वर की व्यवस्थाओं, नियमों और विधियों को मानते हैं।

1रा 17:8–16 तब यहोवा का यह वचन उसके पास पहुंचा, “चलकर सीदोन के सारपत नगर में जाकर वहीं रह : सुन, मैं ने वहां की एक विधवा को तेरे खिलाने की आज्ञा दी है।” अत: वह वहां से चल दिया, और सारपत को गया; नगर के फाटक के पास पहुंचकर उसने क्या देखा कि, एक विधवा लकड़ी बीन रही है, उसको बुलाकर उसने कहा, “किसी पात्र में मेरे पीने को थोड़ा पानी ले आ।” जब वह लेने जा रही थी, तो उसने उसे पुकार के, कहा, “अपने हाथ में एक टुकड़ा रोटी भी मेरे पास लेती आ।” उसने कहा, “तेरे परमेश्वर यहोवा के जीवन की शपथ मेरे पास एक भी रोटी नहीं है केवल घड़े में मुट्ठी भर मैदा और कुप्पी में थोड़ा सा तेल है, और मैं दो एक लकड़ी बीनकर लिए जाती हूं कि अपने और अपने बेटे के लिये उसे पकाऊं, और हम उसे खाएं, फिर मर जाएं।” एलिय्याह ने उस से कहा, “मत डर; जाकर अपनी बात के अनुसार कर, परन्तु पहले मेरे लिये एक छोटी सी रोटी बनाकर मेरे पास ले आ, फिर इसके बाद अपने और अपने बेटे के लिये बनाना। क्योंकि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि जब तक यहोवा भूमि पर मेंह न बरसाएगा तब तक न तो उस घड़े का मैदा समाप्त होगा, और न उस कुप्पी का तेल घटेगा।” तब वह चली गई, और एलिय्याह के वचन के अनुसार किया, तब से वह और स्त्री और उसका घराना बहुत दिन तक खाते रहे। यहोवा के उस वचन के अनुसार जो उसने एलिय्याह के द्वारा कहा था, न तो उस घड़े का मैदा समाप्त हुआ, और न उस कुप्पी का तेल घटा।

एलिय्याह नबी के समय इस्राएल में गंभीर सूखा पड़ा। परमेश्वर ने एलिय्याह को सीदोन के सारपत नगर में एक विधवा के यहां रहने दिया, और वहां उसने परमेश्वर का अनुग्रह प्राप्त किया।

सूखे के कारण इस्राएल के पूरे देश में भोजन नहीं था। सारपत नगर के एक विधवा के परिवार की हालत भी वैसी ही थी। विधवा के पास केवल घड़े में मुट्ठी भर मैदा और कुप्पी में थोड़ा सा तेल था, और उसने चाहा कि वह अपने और अपने बेटे के लिए आखिरी भोजन पकाए, और वे उसे खाएं और तब भूख से मर जाएं। लेकिन उसी समय उसने एलिय्याह नबी को ग्रहण किया, तब कुछ ऐसी अद्भुत बात हुई कि जब तक परमेश्वर ने भूमि पर मेंह न बरसाया, तब तक न तो उस घड़े का मैदा समाप्त हुआ और न उस कुप्पी का तेल घटा।

यहां भी हम देख सकते हैं कि चाहे एलिय्याह कहीं भी जाए और कुछ भी करे, परमेश्वर हमेशा उसके साथ थे। इस तरह, परमेश्वर अपने नबियों की मदद करते थे जो परमेश्वर के लिए काम करते थे। यह बाइबल में स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है।


जहां कहीं दाऊद जाता था, परमेश्वर उसे जय दिलाते थे


जब उन लोगों की बात आती है जिनके साथ परमेश्वर होते थे जहां कहीं वे जाते थे, तब हम प्राचीन इस्राएल के राजा दाऊद का वर्णन करना नहीं छोड़ सकते। दाऊद ने परमेश्वर की आज्ञाओं से शुद्ध सोने से भी अधिक प्रेम किया और बड़े यत्न से उनका पालन किया। इसलिए परमेश्वर हमेशा उसके साथ थे।

1इत 18:6 तब दाऊद ने दमिश्क के अराम में सिपाहियों की चौकियां बैठाईं; अत: अरामी दाऊद के अधीन होकर भेंट ले आने लगे। जहां जहां दाऊद जाता, वहां वहां यहोवा उसको जय दिलाता था।

1इत 18:13 तब उसने एदोम में सिपाहियों की चौकियां बैठाईं; और सब एदोमी दाऊद के अधीन हो गए। दाऊद जहां जहां जाता था वहां वहां यहोवा उसको जय दिलाता था।

दाऊद जहां जहां जाता था, वहां वहां परमेश्वर उसको जय दिलाते थे। परमेश्वर उसके जीवन भर उसे हर युद्ध में विजय दिलाते थे। वह इस कारण इतना आशीषित किया गया क्योंकि परमेश्वर ने उसे एक प्रतिज्ञा दी थी:

1इत 17:8 और जहां कहीं तू आया और गया, वहां मैं तेरे संग रहा, और तेरे सब शत्रुओं को तेरे सामने से नष्ट किया है। अब मैं तेरे नाम को पृथ्वी के बड़े बड़े लोगों के नामों के समान बड़ा कर दूंगा।

दाऊद ने परमेश्वर से इतना प्रेम किया कि उसे इस बात से हमेशा दुख था कि वह तो देवदारु के महल में रहता है, लेकिन परमेश्वर का सन्दूक तम्बू में रहता है। चूंकि तम्बू परमेश्वर के निवास के लिए बेहद घटिया जगह थी, इसलिए दाऊद ने परमेश्वर से मंदिर का निर्माण करने की अपनी अभिलाषा को व्यक्त किया। उसके ईमानदार हृदय ने परमेश्वर को प्रसन्न किया, लेकिन परमेश्वर ने कहा कि चूंकि दाऊद ने युद्ध में बहुत लहू बहाए, इसलिए उसके बदले उसके बेटे सुलैमान को मंदिर बनाने की अनुमति दी जाए। इस तरह, परमेश्वर ने दाऊद के हृदय में अपने प्रति सच्चे प्रेम को देखा और प्रतिज्ञा दी, “जहां कहीं तू आया और गया, वहां मैं तेरे संग रहा... अब मैं तेरे नाम को पृथ्वी के बड़े बड़े लोगों के नामों के समान बड़ा कर दूंगा।”(1इत 17:1–8)

जैसे परमेश्वर ने दाऊद से प्रतिज्ञा की थी, उन्होंने दाऊद की सेना को दमिश्क के साथ युद्ध में जय दिलाई, और सब एदोमी दाऊद के अधीन हो गए। जहां जहां दाऊद जाता था, परमेश्वर उसके साथ रहते थे, और इसलिए वह हर युद्ध जीत सका।

परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन करने वाले लोग जहां कहीं जाएंगे, सफल होंगे


दाऊद ने महसूस किया कि जितना अधिक वह परमेश्वर की आज्ञाओं के प्रति आज्ञाकारी होगा, उतनी अधिक वह आशीष पाएगा। इसलिए उसने अपने बेटे सुलैमान को परमेश्वर के नियमों, आज्ञाओं और व्यवस्थाओं को पूरी तरह मानने के लिए कहा।

1रा 2:1–3 जब दाऊद के मरने का समय निकट आया, तब उसने अपने पुत्र सुलैमान से कहा, “मैं संसार की रीति पर कूच करनेवाला हूं इसलिये तू हियाव बांधकर पुरुषार्थ दिखा। और जो कुछ तेरे परमेश्वर यहोवा ने तुझे सौंपा है, उसकी रक्षा करके उसके मार्गों पर चला करना और जैसा मूसा की व्यवस्था में लिखा है, वैसा ही उसकी विधियों तथा आज्ञाओं, और नियमों, और चितौनियों का पालन करते रहना; जिससे जो कुछ तू करे और जहां कहीं तू जाए, उसमें तू सफल होए।

दाऊद ने सुलैमान से परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन करने का अनुरोध करते हुए कहा कि यदि वह उनका पालन करे तो जो कुछ वह करे, उसमें वह सफल हो जाएगा। इसलिए आज हम भी परमेश्वर की इच्छा का पालन करके नई वाचा के सब्त के दिन के साथ–साथ नई वाचा के सभी पर्व और विधियों को मानते हैं, जबकि संसार में बहुत से चर्च रविवार, क्रिसमस, धन्यवाद के दिन इत्यादि अपने द्वारा बनाए गए नियम, यानी मनुष्यों के नियमों को मानते हैं जो बाइबल में नहीं पाए जाते। हमारे विश्वास के पूर्वजों की कहानी के द्वारा हम निरंतर पुष्टि कर सकते हैं कि जब हम पूरी तरह से परमेश्वर के नियमों, व्यवस्थाओं, आज्ञाओं और वाचा का पालन करते हैं, तब परमेश्वर हमारे साथ होते हैं और हमारी अगुवाई विजय की ओर करते हैं।

2रा 18:1–7 एला के पुत्र इस्राएल के राजा होशे के तीसरे वर्ष में यहूदा के राजा आहाज का पुत्र हिजकिय्याह राजा हुआ... जैसे उसके मूलपुरुष दाऊद ने किया था, जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है, वैसा ही उसने भी किया। उसने ऊंचे स्थान गिरा दिए, लाठों को तोड़ दिया, अशेरा को काट डाला। पीतल का जो सांप मूसा ने बनाया था, उसको उसने इस कारण चूर चूर कर दिया, कि उन दिनों तक इस्राएली उसके लिये धूप जलाते थे; और उसने उसका नाम नहुशतान रखा। वह इस्राएल के परमेश्वर यहोवा पर भरोसा रखता था, और उसके बाद यहूदा के सब राजाओं में से कोई उसके बराबर न हुआ, और न उससे पहले भी ऐसा कोई हुआ था। वह यहोवा से लिपटा रहा और उसके पीछे चलना न छोड़ा; और जो आज्ञाएं यहोवा ने मूसा को दी थीं, उनका वह पालन करता था। इसलिये यहोवा उसके संग रहा, और जहां कहीं वह जाता था, वहां उसका काम सफल होता था...

यहूदा का राजा हिजकिय्याह भी परमेश्वर से लिपटा रहा और उनके पीछे चलना न छोड़ा। जो आज्ञाएं परमेश्वर ने मूसा को दी थीं, उनका उसने अच्छी तरह पालन किया, ठीक जैसे उसके पूर्वज दाऊद ने किया था। इसलिए परमेश्वर उसके संग रहे, और जहां कहीं वह जाता था, वहां उसे सफल बनाते थे।

यहोशू को दी गई परमेश्वर की प्रतिज्ञा


विश्वास के सभी पूर्वजों का कार्य हमें सात अरब लोगों को प्रचार करने के कार्य को पूरा करने की बहुत महत्वपूर्ण चाबी देता है। जब हम सच्चाई के साथ परमेश्वर की आज्ञाओं, नियमों और व्यवस्थाओं का सर्वथा पालन करें, तब जो कुछ हम करेंगे और जहां कहीं हम जाएंगे, हम सफल हो सकेंगे, क्योंकि परमेश्वर हमारी मदद करते हैं और हमें विजय दिलाते हैं।

यहो 1:7–9 इतना हो कि तू हियाव बांधकर और बहुत दृढ़ होकर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बाएं, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा। व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिये कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा। क्या मैं ने तुझे आज्ञा नहीं दी? हियाव बांधकर दृढ़ हो जा; भय न खा, और तेरा मन कच्चा न हो; क्योंकि जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग रहेगा।

ऊपर के वचन परमेश्वर ने स्वयं यहोशू से कहे थे। मूसा की मृत्यु के बाद, यहोशू ने उसकी जगह ली। इस्राएल का नेता होने के नाते उसे प्रतिज्ञा के देश कनान में इस्राएलियों की अगुवाई करनी थी। लेकिन उसके पास इसका कोई उपाय नहीं था कि कैसे यरीहो नगर को पराजित किया जा सके जो कनान देश का पहला फाटक है। उस समय परमेश्वर ने उसे यह कहकर प्रोत्साहन दिया कि हियाव बांधकर बहुत दृढ़ हो जाओ। परमेश्वर ने उससे यह भी कहा कि तेरा मन कभी न भयभीत हो या न घबराओ और कनान को जीतने के कार्य में इस्राएलियों के साथ भाग लो क्योंकि जहां जहां तुम जाओगे वहां वहां मैं तुम्हरे साथ रहूंगा।

पुराने नियम के समय में परमेश्वर ने अपने लोगों से कहा कि यदि वे पुरानी वाचा की व्यवस्थाओं का ईमानदारी से पालन करें जो परमेश्वर ने मूसा को दी थीं, तो परमेश्वर उनके साथ रहेंगे और उन्हें उनके हर एक काम में सफलता दिलाएंगे। परमेश्वर ने दाऊद से उसके शासन के आरंभ में भी वही बात कही, और दाऊद ने उस समय भी वही बात कही जब उसने अपनी मृत्यु से पहले अपने बेटे सुलैमान को सिंहासन की जिम्मेदारी सौंपी। परमेश्वर ने अपने लोगों से हमेशा एक ही वचन कहा: “यदि तुम मेरी सभी आज्ञाओं का पूरी तरह से पालन करोगे, तो मैं तुम्हारे साथ रहूंगा और तुम्हारी मदद करूंगा, ताकि जहां कहीं आप जाएं, वहां आप सफल हो सकें।”

इस युग में यदि हम नई वाचा की व्यवस्था का अच्छी तरह से पालन करेंगे जिसे परमेश्वर ने इस पृथ्वी पर आकर स्वयं हमें सिखाया, तो हम भी अपने सभी कामों में सफल होंगे। मैं दृढ़ता से विश्वास करता हूं कि यदि सिय्योन के सभी लोग अपने हृदयों में परमेश्वर की इच्छा का पूरी तरह पालन करने का संकल्प लेंगे और उसे अमल में लाएंगे, तो सुसमाचार सभी सात अरब लोगों को प्रचार किया जाएगा।

जब तक हमारे पास पूरे यत्न के साथ काम करने का अवसर होता है, तब तक आइए हम और अधिक मेहनत करें, ताकि हम स्वर्ग में अपने बहुमूल्य पुरस्कारों को न खोएं। परमेश्वर ने वादा किया है कि यदि हम ऐसा करें, तब जो कुछ हम करें और जहां कहीं हम जाएं, परमेश्वर हमारी मदद करेंगे ताकि हम सभी कामों में सफल हो सकें। बाइबल में बहुत से वचन दिखाते हैं कि परमेश्वर उन लोगों के साथ रहते थे जो बड़े यत्न से उनकी आज्ञाओं का पालन करते थे, और जहां कहीं वे जाते थे, उन्हें विजय देते थे।

“सब जातियों को प्रचार करो, और देखो, मैं जगत के अन्त तक सदा तुम्हारे संग हूं।”


अब आइए हम देखें कि परमेश्वर ने आज हमें किस प्रकार की आशीष और प्रतिज्ञा दी है।

मत 28:18–20 यीशु ने उनके पास आकर कहा, “स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिये तुम जाओ, सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ; और उन्हें पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो, और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्त तक सदा तुम्हारे संग हूं।”

इन अंतिम दिनों में जब सुसमाचार बाइबल की भविष्यवाणी के अनुसार सब जातियों में प्रचार किया जा रहा है, परमेश्वर ने अपनी संतानों को एक निवेदन दिया है, “उन्हें पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो, और उन्हें सब बातें जो मैंने तुम्हें आज्ञा दी है, यानी नई वाचा की व्यवस्थाएं, नियम, विधियां मानना सिखाओ,” और फिर उन्होंने यह प्रतिज्ञा दी कि वह जगत के अन्त तक सदा हमारे साथ होंगे।

सभी सात अरब लोगों को सुसमाचार प्रचार करने का महान कार्य तब भी शुरू हो सकता है जब हम उन सभी शिक्षाओं का हूबहू पालन करें जो परमेश्वर ने हमें सिखाई हैं, है न? कुछ लोग संदेह कर सकते हैं कि क्या सच में संसार के सभी लोगों को सुसमाचार का प्रचार करना संभव होगा। कृपया पहले परमेश्वर के बारे में सोचिए। परमेश्वर की आंखों में जगत के सारे देश घड़े में एक छोटी बूंद या पलड़ों पर की धूलि जैसे हैं। सिर्फ हमारी ही आकाशगंगा में करीब 200 अरब तारे हैं। परमेश्वर के द्वारा रची गई अनगिनत सृष्टियों में पृथ्वी बहुत ही छोटी और नगण्य है। इसलिए पृथ्वी पर सात अरब लोगों को सुसमाचार प्रचार करना बिल्कुल मुश्किल नहीं है।

चर्च ऑफ गॉड नई वाचा की व्यवस्थाओं, नियमों और विधियों का पालन करते हुए, जो पिता और माता ने हमें सिखाए हैं, आत्मिक रूप से विकसित होता आया है। हम यत्न से सब्त के दिन, नई वाचा के फसह के साथ–साथ तीन बार में सात पर्व इत्यादि जैसे परमेश्वर की सभी व्यवस्थाओं, नियमों और विधियों का पालन करते हैं, इसकी परवाह किए बिना कि दूसरे लोग हमारे बारे में क्या सोचेंगे और कैसे रुकावट डालेंगे। इसलिए जो कुछ हम करेंगे और जहां कहीं हम जाएंगे, हम सफल होते रहेंगे। परमेश्वर हमेशा हमें पवित्र आत्मा की आशीष देंगे। जैसे कि परमेश्वर ने प्रतिज्ञा की है, आज तक परमेश्वर हमारे सभी कामों को सफल बना रहे हैं और सामरिया और पृथ्वी की छोर तक सुसमाचार का प्रचार करने में हमारी मदद कर रहे हैं।

अब सभी सदस्यों को जो करना है वह पूरे संसार में सुसमाचार को चिल्लाना है। यहोशू और उसकी सेना ने न तो भाले फेंके और न ही तीर चलाए। वे सब मिलकर बस चिल्लाए। यरीहो नगर को पराजित करने की यह परमेश्वर की रणनीति थी। लोग बस चिल्लाए और परमेश्वर ने स्वयं पर्दे के पीछे रहकर उनके लिए काम किया। अब भी ऐसा ही है। परमेश्वर ने अवश्य ही बेबीलोन को नष्ट करने की प्रतिज्ञा की है और हमसे यह कहा कि हम उसके पतन के लिए सामरिया और पृथ्वी की छोर तक जाकर बस चिल्लाएं(प्रक 18:2; प्रे 1:8)।

अब हमारे लिए सात अरब लोगों के सामने यह चिल्लाने का समय है: “पवित्र आत्मा और दुल्हिन आपको बुला रहे हैं। इसलिए आप सभी, सिय्योन में आइए और परमेश्वर की व्यवस्थाओं, नियमों और विधियों की ओर लौट आइए।” यदि हम इस तरह चिल्लाएंगे, तब परमेश्वर बेबीलोन को नष्ट करेंगे। जब तक हम नहीं चिल्लाएंगे, तब तक यह कार्य रुका रहेगा। स्वर्गीय कनान में प्रवेश करने से ठीक पहले, हम सब को एक साथ चिल्लाना चाहिए, ताकि परमेश्वर का महान कार्य पूरा हो सके। जब हमारी चिल्लाहट सामरिया और पृथ्वी की छोर तक पहुंचेगी, तब दुनिया भर में सभी लोग शुभ संदेश सुनेंगे और हमारे खोए हुए भाई और बहनें नई यरूशलेम स्वर्गीय माता की बांहों में लौटेंगे।

सिय्योन के भाइयो और बहनो! आइए हम सभी हिम्मत बांधें और सब मिलकर संसार में उन सभी लोगों को प्रचार करें जिन्होंने अब तक उद्धार नहीं पाया है। चाहे हम आर्थिक तंगी से गुजरें और मुश्किल परिस्थितियों का सामना करें, फिर भी हमें इस जीवन की चिन्ताओं से अपने मनों को सुस्त नहीं होने देना चाहिए और परमेश्वर की आज्ञाओं को बहुमूल्य मानकर उनका पालन करने के लिए पर्याप्त विश्वास रखना चाहिए, ताकि हम पूरी तरह से स्वर्गीय पिता और माता की प्रशंसा कर सकें और उन्हें प्रसन्न कर सकें। यदि हम ऐसा करें, तब जो कुछ हम करेंगे और जहां कहीं हम जाएंगे, हम सफल होंगे। सभी लोगो, हिम्मत बांधिए! मैं आशा करता हूं कि आप सभी प्रार्र्थना के द्वारा परमेश्वर पर हमेशा निर्भर रहें और अधिक अच्छे फल उत्पन्न करें।