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जीवन का सत्यपिता परमेश्वर और माता परमेश्वर और नई वाचा के बारे में बाइबल में वर्णित शिक्षाएं हैंजीवन का सत्य

मीडिया उपदेशमीडिया उपदेश परन्तु वह तो यहोवा की व्यवस्था से प्रसन्न रहता; और उसकी व्यवस्था पर रात दिन ध्यान करता रहता है। भजन संहिता 1:2मीडिया उपदेश

टेक्स्ट उपदेशटेक्स्ट उपदेश परमेश्नर का मार्ग सिद्ध है; यहोवा का वचन ताया हुआ है; वह अपने सब शरणागतों की ढाल है। भजन संहिता 18:30टेक्स्ट उपदेश

मैं अंधा था लेकिन अब मैं देख सकता हूं

अंधे लोग, जो हमेशा दृश्य विकार के साथ रहे, वे देखने के मूल्य को किसी और से बेहतर जानते हैं, लेकिन जो जन्म से ही सबकुछ देखने में सक्षम होते हैं, वे उसे पूरी तरह से नहीं समझ सकते। क्या होगा यदि एक मनुष्य जो पूरे अंधकार में रहा, एक दिन दृष्टि पाए, जिससे वह दुनिया को साफ-साफ देख सकता है? उस क्षण, वह इतना आनंदित होगा कि वह उसे शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता। हमारे साथ भी ऐसा ही है। जब हम परमेश्वर से मिले और हमारी आत्मिक आंखें सत्य को देखने के लिए खुलीं, तब हमारी आत्माएं खुशी से कूदी होंगी और धन्यवाद से भरी होंगी। हालांकि, चूंकि हम हमेशा सत्य के वचनों को देखते हैं, तो समय के बीतने पर सबकुछ सामान्य हो जाता है। विश्वास के मा...

परमेश्वर और हमारे बीच का रिश्ता

परमेश्वर हमें “मेरी प्रजा”, “मेरी संतान” कहते हैं। इसका बड़ा महत्व है। मान लीजिए कि एक मछली है जो मछली की दुनिया में अन्य मछलियों पर एक अच्छा शासक बनने के लिए बुद्धिमान और उदार है। चाहे वह मछली कितनी भी प्रतिभाशाली क्यों न हो और उसके नेतृत्व के लिए उसका कितना ही सम्मानित और आदर क्यों न किया जाता हो, इसका हमारे दृष्टिकोण से कुछ लेना-देना नहीं है। उसी प्रकार, चाहे हम कितना भी उदार और प्रतिभाशाली क्यों न हों, जब परमेश्वर के दृष्टिकोण से मानव दुनिया देखी जाए, तो जब तक हम परमप्रधान परमेश्वर से रिश्ता न रखें तब तक हम उनके लिए कुछ भी नहीं हैं। परमेश्वर ने हम पर, जो कीड़े के समान हैं दया की है, और हमें वाचा, व्यवस्था और विधियों...

प्रायश्चित्त के दिन का अर्थ

सब्त और तीन बार में सात पर्व इत्यादि परमेश्वर के पर्व, जिनका वर्णन बाइबल में है, वे सिर्फ पुराने नियम नहीं हैं, लेकिन उनमें से हर एक के पास मानवजाति के उद्धार के लिए महान अर्थ है। परमेश्वर सिय्योन के लोगों को बचाते हैं जो पर्व मनाते हैं और जिन्होंने पर्वों के अनुसार बलिदान(आराधना) चढ़ाकर परमेश्वर से वाचा बांधी है, उन्हें “मेरे भक्त” कहकर बुलाते हैं(यश 33:20–24; भज 50:1–5)। परमेश्वर यह भी कहते हैं कि वह अपनी संतानों को इकट्ठा करेंगे जो अंतिम दिनों में भी पर्व मनाने के लिए प्रयास करते हैं, और पृथ्वी के सभी लोगों में उनकी कीर्ति और प्रशंसा फैलाएंगे(सप 3:14–20)। बाइबल में परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं के अनुसार, लोग जो परमेश्वर के...