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जीवन का सत्यपिता परमेश्वर और माता परमेश्वर और नई वाचा के बारे में बाइबल में वर्णित शिक्षाएं हैंजीवन का सत्य

मीडिया उपदेशमीडिया उपदेश परन्तु वह तो यहोवा की व्यवस्था से प्रसन्न रहता; और उसकी व्यवस्था पर रात दिन ध्यान करता रहता है। भजन संहिता 1:2मीडिया उपदेश

टेक्स्ट उपदेशटेक्स्ट उपदेश परमेश्नर का मार्ग सिद्ध है; यहोवा का वचन ताया हुआ है; वह अपने सब शरणागतों की ढाल है। भजन संहिता 18:30टेक्स्ट उपदेश

बुरी आदतें और अच्छी आदतें

लोग कहते हैं कि आदत एक दूसरा स्वभाव है। सभी के पास अपना–अपना विशिष्ट स्वभाव है और उसका उन पर भारी प्रभाव होता है क्योंकि उसके बार–बार दोहराए जाने से वह उनकी आदत बन जाती है। हम सभी के पास अच्छी और बुरी आदतें हैं। अच्छी आदतें हमारे विश्वास के जीवन के लिए उपयोगी हैं, लेकिन बुरी आदतें सुसमाचार के कार्य के लिए बाधाएं हैं। इसलिए परमेश्वर ने हमें सिखाया है कि हमें अपनी बुरी आदतों को छोड़कर उन्हें अच्छी आदतों में बदलना चाहिए ताकि हम फिर से जन्म लेकर स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकें। बाइबल के द्वारा, आइए हम अच्छी और बुरी आदतों के बारे में सोचें और फिर से जन्म लेने के लिए अपनी सभी बुरी आदतों को छोड़ें। परमेश्वर के वचन न...

बपतिस्मा क्या है?

विवाह एक प्रेमी जोड़े के लिए जीवन की नई शुरुआत है। विवाह समारोह के दौरान वे अपने जीवन के बाकी समय में पति और पत्नी के रूप में सुख–दुख को बांटने की शपथ लेते हैं। उसी तरह, बपतिस्मा परमेश्वर की ओर जाने के लिए पहला कदम है, और यह एक विधि है जिसमें हम परमेश्वर के साथ वाचा बांधते हैं। बपतिस्मा के द्वारा परमेश्वर हमारे सभी पापों को क्षमा करते हैं, और हम अपने जीवन के पिछले पापमय मार्ग से फिरने और अपने जीवन के बाकी समय में सिर्फ परमेश्वर की सेवा करने के द्वारा परमेश्वर के लोगों के रूप में जीने की प्रतिज्ञा करते हैं। बपतिस्मा हमारे जीवन में एक ऐसा मोड़ होता है, जिसके बाद हमारे अतीत के सभी पाप और अपराध क्षमा किए जाते हैं, और हम नया ज...

नए सिरे से जन्मे लोग

हाल ही में पूरे संसार से ऐसी खबरों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है कि सदस्य पश्चाताप करते हुए सुंदर ढंग से एकजुट हो रहे हैं। और दुनिया के कोने–कोने से यह समाचार आ रहा है कि बहुत सदस्य जो स्वर्गीय माता के अच्छे उदाहरण और शिक्षाओं के द्वारा प्रेरित हुए हैं, आंसुओं के साथ अपनी गलती के लिए पहले माफी मांगकर समझौता कर रहे हैं और पश्चाताप का जीवन जीने का संकल्प कर रहे हैं। “माफ कीजिए” या “क्षमा कीजिए” जैसी बात अब हमारे मन में गहरी गूंज पैदा कर रही है। परमेश्वर ने कहा है कि जब स्वर्ग का राज्य निकट है, तब परमेश्वर सदस्यों के हृदयों को एक होने देंगे आरै हमारे कठोर हृदयों को कोमल हृदयों में बदलेंगे(यहेज 36:24–27)। इस वचन को...