한국어 English 日本語 中文 Deutsch Español Tiếng Việt Português Русский लॉग इनरजिस्टर

लॉग इन

आपका स्वागत है

Thank you for visiting the World Mission Society Church of God website.

You can log on to access the Members Only area of the website.
लॉग इन
आईडी
पासवर्ड

क्या पासवर्ड भूल गए है? / रजिस्टर

अंतरराष्ट्रीय

चर्च ऑफ गॉड ने जीता इंग्लैंड की रानी का पुरस्कार

  • देश | इंग्लैंड
  • तिथि | 04/जुलाई/2016
ⓒ 2016 WATV
워런 스미스 그레이터맨체스터 주지사(왼쪽에서 두 번째)로부터 영국 여왕자원봉사상을 전달받은 하나님의 교회 총회장 김주철 목사(왼쪽 첫 번째).


चर्च ऑफ गॉड ने इंग्लैंड का सबसे उत्तम स्वयंसेवा पुरस्कार, यानी रानी का स्वयंसेवा पुरस्कार(जिसका वर्णन नीचे रानी के पुरस्कार के रूप में किया जाएगा) प्राप्त किया। यह रानी का पुरस्कार इंग्लैंड के विकास के लिए बड़ा योगदान देने वाले व्यक्ति को प्रदान किया जाता है और यह एक संगठन के लिए सबसे सम्मानित पुरस्कार है। सिर्फ इंग्लैंड में नहीं, बल्कि कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, भारत इत्यादि जैसे इंग्लैंड के 53 राष्ट्रमंडल देशों में भी जहां पूरी दुनिया के 22 अरब लोग रहते हैं, इस पुरस्कार को मान्यता दी गई है।

चर्च ऑफ गॉड ने इंग्लैंड का सबसे उत्तम स्वयंसेवा पुरस्कार, यानी रानी का स्वयंसेवा पुरस्कार(जिसका वर्णन नीचे रानी के पुरस्कार के रूप में किया जाएगा) प्राप्त किया। यह रानी का पुरस्कार इंग्लैंड के विकास के लिए बड़ा योगदान देने वाले व्यक्ति को प्रदान किया जाता है और यह एक संगठन के लिए सबसे सम्मानित पुरस्कार है। सिर्फ इंग्लैंड में नहीं, बल्कि कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, भारत इत्यादि जैसे इंग्लैंड के 53 राष्ट्रमंडल देशों में भी जहां पूरी दुनिया के 22 अरब लोग रहते हैं, इस पुरस्कार को मान्यता दी गई है।

जहां छोटी या बड़ी दुर्घटना होती थीं, वहां चर्च ऑफ गॉड के सदस्य राहत कार्य करते थे, और जहां कहीं उनकी मदद की जरूरत होती थी, वहां वे तुरन्त जाकर विभिन्न स्वयंसेवा कार्य करते थे जैसे कि पर्यावरण सफाई अभियान एवं रक्तदान ड्राइव चलाना, राष्ट्रीय–अंतर्राष्ट्रीय समारोहों में समर्थन देना, किसानों की मदद करना, सरकारी कार्यालयों एवं कल्याण सुविधाओं का दौरा करना इत्यादि। उनके योगदान को मान्यता देने के लिए, कोरिया और दुनिया भर के बहुत देशों के सरकारी संस्थानों और संगठनों ने चर्च ऑफ गॉड को 2,000 से अधिक पदक, पुरस्कार, प्रशंसा की पटिया इत्यादि प्रदान किए। रानी का पुरस्कार जो चर्च को हाल ही में प्राप्त हुआ है, इसलिए अधिक अर्थपूर्ण है कि अमेरिकी राष्ट्रपति का स्वयंसेवा पुरस्कार और कोरियाई राष्ट्रपति का संगठन प्रशस्ति पत्र प्राप्त करने के बाद फिर से एक देश के प्रधान से ऐसा पुरस्कार दिया गया है जो संगठन के लिए दिया जाने वाला सबसे सर्वोच्च पुरस्कार है।


रानी का स्वयंसेवा पुरस्कार वर्ष 2002 में शुरू किया गया था जब एलिज़ाबेथ द्वितीय के राज्याभिषेक की सालगिरह मनाई गई थी। उसके बाद हर वर्ष इंग्लैंड सरकार पुरस्कार विजेताओं को चुनती है। संगठनों को कम से कम तीन वर्ष तक लगातार अपने स्थानीय क्षेत्रों में स्वयंसेवा के द्वारा योगदान देना चाहिए, और उनमें से उस संगठन को चुना जाता है जिसे नागरिकों से आदर, मान्यता और समर्थन प्राप्त है, और फिर इंग्लैंड सरकार कई वर्षों तक कठोरता से उसका निष्पक्ष परीक्षण और मूल्यांकन करती है।

पुरस्कार विजेताओं के चयन से लेकर जांच–पड़ताल करने की सारी प्रक्रियाएं सूक्ष्म और जटिल हैं। पहले, जहां संगठन कार्य करता है, उस राज्य के राज्यपाल के द्वारा उस संगठन का मूल्यांकन किया जाता है, और फिर मूल्यांकन करने वाले पेशेवरों के द्वारा जांच–पड़ताल की जाती है और मुख्य पुरस्कार समिति में सिफारिश की जाती है। और उसके बाद कैबिनेट कार्यालय और मंत्री के द्वारा पुष्टि की जाती है, और आखिरकार रानी से मंजूरी मिलने के बाद पुरस्कार विजेता के रूप में चुना जाता है। पुरस्कार विजेताओं को “ब्रिटिश साम्राज्य के सबसे उत्कृष्ट पदक के सदस्य(MBE)” की उपाधि का सम्मान दिया जाता है।

चर्च ऑफ गॉड का परीक्षण भी कई वर्षों के दौरान कठोरता और सूक्ष्मता से किया गया था। राजमहल बकिंघम पैलेस ने अनेक बार चर्च के पास परीक्षकों को भेजा था। परीक्षकों ने 4 वर्ष के दौरान चर्च ऑफ गॉड के द्वारा लगातार किए गए स्वयंसेवा कार्यों के साथ–साथ चर्च के सभी पहलुओं को बारीकी से जांचा था। परीक्षकों ने बिना सूचना दिए चर्च का दौरा किया था और कभी–कभी फोन करके कुछ प्रश्न पूछे थे। उन्होंने उन जगहों का भी दौरा किया था जहां चर्च ने स्वयंसेवा कार्य किए थे, और चर्च से मदद पाने वाले लोगों से भी संपर्क किया था। इस तरह उन्होंने विभिन्न तरीकों से चर्च की स्वयंसेवाओं की सच्चाई और ईमानदारी की पुष्टि कर ली थी। इस तरह चर्च तीन सालों तक परीक्षण की सारी प्रक्रियाओं से गुजरा था, और आखिरकार रानी से मंजूरी मिलने के बाद पुरस्कार विजेता के रूप में चुना गया। इसके द्वारा चर्च ऑफ गॉड ने समाज में बड़ा योगदान देने वाले और आदर्श बनने वाले संगठन के रूप में औपचारिक रूप से मान्यता प्राप्त की है और इसके साथ रानी के पुरस्कार के प्रतीक और “ब्रिटिश साम्राज्य के सबसे उत्कृष्ट पदक के सदस्य(MBE)” की उपाधि का इस्तेमाल करने की अनुमति भी प्राप्त की है।

पुरस्कार वितरण समारोह होने से पहले, इंग्लैंड की रानी एलिज़ाबेथ द्वितीय ने प्रधान पादरी किम जू चिअल को चर्च ऑफ गॉड के प्रतिनिधि के रूप में राजमहल बकिंघम पैलेस में आमंत्रित किया। बकिंघम पैलेस इंग्लैंड के राजा के कार्य करने का कक्ष और उनका आवास है, और राजमहल से आमंत्रण प्राप्त किए बिना उसमें कोई भी प्रवेश नहीं कर सकता। पादरी किम जू चिअल 24 मई को इंग्लैंड की रानी के द्वारा आयोजित राजमहल की गार्डन पार्टी में शामिल हुए। इस पार्टी में आमंत्रित किए गए कुल 193 धर्मार्थ संगठनों, समाजसेवी संस्थाओं और स्वयंसेवक संघों में से चर्च ऑफ गॉड एकमात्र धार्मिक संगठन था।

गार्डन पार्टी के बाद, 2 जून को कैबिनेट कार्यालय ने रानी के राज्याभिषेक की सालगिरह के अवसर पर औपचारिक रूप से विजेताओं को घोषित किया, और प्रत्येक राज्य में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। 4 जुलाई को ग्रेटर मैनचेस्टर राज्य का पुरस्कार वितरण समारोह मैनचेस्टर का प्रतीक माने जाने वाले गोर्टन मोनास्ट्री में आयोजित किया गया। उस समारोह में पादरी किम जू चिअल ने राज्यपाल वारेन स्मिथ(रानी की ओर से भेजे गए प्रतिनिधि) के हाथों से रानी के द्वारा हस्ताक्षर किया हुआ प्रमाणपत्र और एक स्मृति का क्रिस्टल पाया।

ⓒ 2016 WATV
영국 엘리자베스 2세 여왕이 하나님의 교회에 수여한 크리스털 상패와 상장


रानी एलिज़ाबेथ द्वितीय ने स्वयं प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर किया और पुरस्कार देने का उद्देश्य और अर्थ स्पष्ट रूप से इस प्रकार घोषित किया, “विभिन्न कार्यक्रमों के द्वारा माता का प्रेम बांटने वाले चर्च ऑफ गॉड वल्र्ड मिशन सोसाइटी के इंग्लैंड सिय्योन को यह पुरस्कार प्रदान करती हूं। मैं समुदायों के लिए चर्च ऑफ गॉड के द्वारा किए गए उत्कृष्ट स्वयंसेवा कार्यों को मान्यता प्रदान करने के लिए और राजमहल की ओर से सद्भावना प्रकट करने के लिए यह पुरस्कार देकर सम्मानित करती हूं।” समारोह–संचालक और परीक्षक पॉल डेन्बी ने यह कहकर चर्च की प्रशंसा की, “यह संगठन केवल अपने शहर में ही नहीं, बल्कि अन्य शहरों में भी लोगों के जीवन को बदल रहे हैं और युवकों और युवतियों को अपने समाज में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करते हुए लोगों में सामुदायिक भावना फैला रहे हैं। वे सच में इस श्रेष्ठ पुरस्कार के हकदार हैं।” उनकी प्रशंसा स्पष्ट रूप से दिखाती है कि चर्च ऑफ गॉड के सदस्यों ने लगातार अच्छे कार्य करते हुए इंग्लैंड के समाज पर अधिक प्रभाव डाला।

पुरस्कार वितरण समारोह में चर्च ऑफ गॉड को बधाई और प्रशंसा देने का सिलसिला जारी रहा। रोशडेल के मेयर रेय दथन ने कहा, “आपकी सभी उल्लेखनीय उपलब्धियां, आपकी मेलजोल की भावना जिसने दूसरे नागरिकों को भी बाहर सड़क पर आने दिया, आपके स्वयंसेवा कार्य इत्यादि ये सब लोगों का ध्यान आकर्षित करने वाले हैं। यह पुरस्कार उन अद्भुत कार्यों का परिणाम है जो बहुत से सदस्य कई वर्षों से करते आए हैं।” ट्रेफोर्ड के मेयर जूडिथ लॉयड ने कहा, “रानी का पुरस्कार जीतना बड़ी उपलब्धि है और आपको अपने आप पर बहुत गर्व होना चहिए। मैं आपके चर्च में जाकर आपके साथ इसके बारे में बात करना चाहती हूं कि मैं भविष्य में आपके साथ क्या काम कर सकती हूं।” बरी के मेयर माइक कोनोली ने यह कहते हुए सदस्यों के स्वयंसेवा कार्यों का ऊंचा मूल्यांकन किया, “यदि स्वयंसेवक ऐसे बहुत सारे अच्छे कार्य न करें, तो हमारे शहर ठप पड़ जाएंगे।” वायगन के मेयर रोनाल्ड कवय और ओल्डहेम के मेयर डेरेक हेफेरनन ने भी बधाई और प्रशंसा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

कई वर्ष पहले से ही चर्च ऑफ गॉड को ग्रेटर मैनचेस्टर राज्य में ऐसे संगठन के रूप में अच्छी तरह से जाना गया है जो अच्छे कार्य करने में आगे रहता है। वर्ष 2013 की दूसरी छमाही के दौरान, चर्च ऑफ गॉड ने मैनचेस्टर, सालफोर्ड, बॉल्टन, बरी, रोशडेल, स्टोकपोर्ट, टेमसाइड, ट्रेफोर्ड और वायगन जैसे ग्रेटर मैनचेस्टर राज्य के 9 शहरों से योगदान–पुरस्कार प्राप्त किया था।

इंग्लैंड के सरकारी समाचारपत्र गजट समेत विभिन्न मीडिया माध्यमों ने “चर्च ने पाया सबसे बड़ा पुरस्कार” शीर्षक के साथ चर्च ऑफ गॉड के रानी का पुरस्कार जीतने की खबर को मुख्य पृष्ठ पर स्थान देते हुए प्रमुखता से प्रसारित किया। प्रधान पादरी किम जू चिअल ने रानी का पुरस्कार जीतने के बारे में कहा, “ऐसा परिणाम इसलिए हुआ कि सभी सदस्यों ने स्वर्गीय पिता और माता की अच्छी शिक्षाओं के अनुसार संसार के नमक और ज्योति के रूप में अच्छी भूमिका निभाई है।” और उन्होंने यह कहते हुए अपनी आकांक्षा जताई, “आगे भी हम दयालु सामरी के समान अच्छे पड़ोसी बनकर पूरे संसार के देशों में नागरिकों के साथ परमेश्वर का प्रेम बांटेंगे।”

चर्च ऑफ गॉड के सदस्य जहां–जहां उनकी मदद की जरूरत होती है, वहां परमेश्वर की शिक्षाओं के अनुसार देश और संस्कृति की सीमा को पार करके मानवजाति के लिए परमेश्वर के प्रेम का अभ्यास करते हैं। अब उनके ईमानदार कार्यों की ओर संसार का ध्यान आकर्षित हो रहा है।
चर्च का परिचय वीडियो
CLOSE