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कोरिया

कोरिया के ग्यंगि प्रांत में 6 नए मन्दिरों के उद्घाटनों के लिए आराधनाएं

  • देश | कोरिया
  • तिथि | 07/मार्च/2015

जनवरी से फरवरी तक कोरिया के इनचान, ग्यंगि, ग्यंनाम, ग्यंबुक इत्यादि में 10 नए मन्दिरों के उद्घाटनों के लिए आराधनाएं आयोजित होने के बाद, मार्च में ग्यंगि प्रांत के 6 चर्चों ने अपने नए मन्दिरों के उद्घाटनों के लिए आराधनाएं आयोजित कीं: 7 मार्च को ह्वासंग शहर में ब्यंगजम व बोंगदाम चर्च ने, 10 मार्च को गुरी चर्च व यांगजु चर्च ने, और 14 मार्च को आनसान में छोजी चर्च व इछन चर्च ने आराधना की।

पड़ोसी चर्चों के सदस्यों ने भी आराधना में भाग लिया, और वे सिर्फ मुख्य आराधनालयों और मिलाप कक्षों में नहीं, बल्कि शिक्षण कक्षों, दृश्य–श्रव्य कक्षों और बहुउद्देशीय कक्षों में भी भर गए। उन्होंने विशाल और सुंदर मंदिर प्रदान करने के लिए परमेश्वर को धन्यवाद दिया, और सुनिश्चित किया कि बाइबल की भविष्यवाणी के अनुसार नई वाचा का सुसमाचार का कार्य संपन्न हो जाएगा।

परमेश्वर को सही रूप से जानते हुए विश्वास रखने के लिए नींव
माता ने उन सदस्यों की सराहना की जिन्होंने नए मंदिरों का निर्माण–कार्य समाप्त होने तक एक मन होकर प्रार्थना और कड़ी मेहनत की थी, और फिर प्रार्थना की कि परमेश्वर उन पर प्रचुर मात्रा में आशीषें और अनुग्रह उंडेलें। माता ने कहा, “अंधकार में भटक रहे अपने खोए हुए स्वर्गीय परिवार के सभी सदस्यों को ढूंढ़ने के लिए, हमें मेहनत से सत्य के प्रकाश को चमकाना होगा। आइए हम आत्मिक तेल को तैयार करें और परमेश्वर की स्थिर चट्टान पर अपने विश्वास को स्थापित करें, ताकि हम उनके लिए, जिनकी भविष्य में सिय्योन की ओर अगुवाई की जाएगी, अच्छे उदाहरण बन सकें। और आइए हम अपने भाइयों और बहनों से अपने समान प्रेम करें और सच्ची एकता को हासिल करें।”

ⓒ 2015 WATV

प्रधान पादरी किम जू चिअल ने इस बात पर महत्व देते हुए कहा कि जैसे माता ने कहा, वैसे ही हमें स्थिर विश्वास के साथ बहुत आत्मओं को बचाने का कार्य पूरा करने के लिए परमेश्वर को सही रूप से जानना और उनका पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब हम सच्चे परमेश्वर को स्वीकार करते हैं जिनके बारे में बाइबल साक्षी देती है, तब हम सही तरीके से प्रार्थना, आराधना, प्रचार और सेवा कर सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा, “हालांकि हम परमेश्वर पर विश्वास करने और उनसे प्रेम करने का दावा करते हैं, लेकिन यदि हम यह न जानें कि परमेश्वर कौन हैं, तो हम उद्धार तक न पहुंच सकेंगे। न सिर्फ उत्पत्ति से लेकर प्रकाशितवाक्य तक के वचन, लेकिन यह प्रकृति का सिद्धांत भी माता परमेश्वर के अस्तित्व की गवाही देता है कि सभी जीवित प्राणी अपनी माता से जीवन पाते हैं और उसे अगली पीढ़ी को सौंप देते हैं। जब हम पिता परमेश्वर के साथ माता परमेश्वर को भी स्वीकार करें, सिर्फ तब ही हमारे सभी धार्मिक कार्य हमें उद्धार तक पहुंचा सकते हैं।”

दुनिया भर में नए मंदिर स्थापित हो रहे हैं, यह तथ्य साबित करता है कि माता परमेश्वर को स्वीकार करने वाले लोगों की संख्या साल–दर–साल बढ़ती जा रही है। वह यह भी दिखाता है कि इस प्रेमहीन दुनिया में बहुत लोगों को सत्य और प्रेम की आवश्यकता है जो उनके खाली हृदयों को भरता है और उनकी थकी हुई आत्माओं को शांति देता है।

दुनिया भर के सदस्य भविष्यवाणियों के साथ कदम से कदम मिलाते हुए सुसमाचार के कार्य की पूर्ति की ओर बढ़ रहे हैं
ⓒ 2015 WATV

यीशु ने अपने चले पतरस से तीन बार पूछा, “क्या तू मुझ से प्रेम रखता है?” और पतरस ने तीनों बार, “हां” में उत्तर दिया। तब यीशु ने बार–बार उससे कहा कि, “मेरे मेमनों को चरा।”(यूह 21:15–17)। सुसमाचार का प्रचार करना और भेड़ों की रखवाली करना, यह वह मिशन है जो परमेश्वर से प्रेम करने वाले विश्वासियों को सौंपा गया है।

प्रधान पादरी किम जू चिअल ने विश्वासियों की मानसिकता पर जोर देते हुए कहा, “वे जो अपने पूर्ण हृदय और मन से परमेश्वर से प्रेम करते हैं, चाहे कितनी भी मुसीबत उन पर आ पड़े, वे कभी भी नहीं डगमगाते, वे अपने आपको सुसमाचार के कार्य के लिए समर्पित करते और अन्त तक विश्वास की दौड़ को पूरा करते हैं।” “नि:सन्देह जैसा मैंने ठान लिया है, वैसा ही हो जाएगा, और जैसी मैंने युक्ति की है, वैसी ही पूरी होगी,” इस यशायाह 14:24–27 का हवाला देते हुए, उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि, “चाहे स्थितियां मुश्किल हों, यदि हम परमेश्वर के वचन पर स्थिर होकर माता परमेश्वर की महिमा को चमकाते हैं, तब वे जो परमेश्वर से प्रेम करते हैं, दूर से कबूतरों व बादलों के समान आ जाएंगे और सुसमाचार सामरिया से पृथ्वी के छोर तक प्रचार किया जाएगा। आइए हम हर पल परमेश्वर की आज्ञा का पालन करें ताकि हमें बाद में कभी पछताना न पड़े, और अपनी स्थितियों में अपना सर्वोत्तम प्रयास करें और जल्द से जल्द सुसमाचार के कार्य को पूरा करें।”

प्रधान पादरी किम जू चिअल ने कहा, “परमेश्वर की भविष्यवाणी पूरी हुई थी, पूरी हो रही है, और पूरी हो जाएगी,” बाइबल की भविष्यवाणी के अनुसार चर्च ऑफ गॉड का विकास हुआ है, और अब दुनिया भर में सुसमाचार प्रचार करने का कार्य समापन रेखा के बेहद करीब पहुंच रहा है।” 1964 में मसीह आन सांग होंग के चर्च ऑफ गॉड स्थापित करने के बाद नई वाचा का सुसमाचार गलियों, शहरों और नगरों में प्रचार किया गया, और 2000 के दशक में आकर यह तेजी से पूरे संसार में फैलाया गया है। अब सदस्यों की कुल संख्या बीस लाख के पार हो गई है।

पेरू के फोसेत चर्र्च में पादरी किम वांग ह्यन, जो 2015 की महासभा में शामिल होने के लिए कोरिया में आया, समर्पण समारोह में शामिल हुआ। उसने हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि, “बाइबल की भविष्यवाणियां वैसे ही पूरी हो रही हैं जैसे परमेश्वर अगुवाई करते हैं।” और उसने जो 1990 दशक के अंत से लेकर विदेशी प्रचार कार्य में जुटा है, अपनी उम्मीद जताई, “पेरू में अब तक शाखा चर्च सहित नब्बे से भी अधिक चर्च स्थापित हो गए हैं। कोरिया में पहले से ही 400 से अधिक चर्च हैं, लेकिन सुसमाचार का कार्य अभी भी विकसित हो रहा है। मुझे यकीन है कि पेरू में भी सुसमाचार का कार्य तेजी से विकसित हो जाएगा और हम वहां संपन्न परिणाम देख सकेंगे।”

इस साल मार्च तक 16 नए मन्दिरों के समर्पण समारोह आयोजित किए गए। फिर भी 20 से अधिक चर्च अपने नए मंदिरों का निर्माण–कार्य पूर्ण करने के बाद उनके समर्पण समारोह के लिए इंतजार कर रहे हैं। प्रत्येक चर्च के सदस्य परमेश्वर की इच्छा के अनुसार अपने नए मंदिर को ऐसे विश्राम स्थान के रूप में सजाने में व्यस्त रहते हैं, जहां बहुत सी आत्माएं पुनर्जीवित होंगी। कई चर्चों ने नए सदस्यों के लगातार आने के कारण विस्तार होने के बाद भी पहले से बड़ी जगह मांगी। जिस प्रकार यशायाह 49:20 में लिखा है, “यह स्थान हमारे लिए छोटा है, हमें और स्थान दे कि उसमें रहें,” ऐसा खुशियों भरा निवेदन 2015 में भी जारी होगा।

ⓒ 2015 WATV
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