한국어 English 日本語 中文 Deutsch Español Tiếng Việt Português Русский लॉग इनरजिस्टर

लॉग इन

आपका स्वागत है

Thank you for visiting the World Mission Society Church of God website.

You can log on to access the Members Only area of the website.
लॉग इन
आईडी
पासवर्ड

क्या पासवर्ड भूल गए है? / रजिस्टर

कोरिया

2013 पुनरुत्थान के दिन की पवित्र सभा

  • देश |
  • तिथि | 31/मार्च/2013
31 मार्च को, पुनरुत्थान के दिन की पवित्र सभा दुनिया भर में परमेश्वर के सभी कलिसियों में आयोजित की गई थी। पुनरुत्थान का दिन मसीह के जी उठने की जीत एवं खुशी को मनाने का एक पर्व है. हर साल, रविवार को मनाया जाता है, जो अख़मीरी रोटी के पर्व के बाद आने वाले सब्त के दिन के बाद आता है।

ⓒ 2013 WATV
लगभग 2000 वर्ष पहले, यीशु मसीह ने दुख उठाया, और अख़मीरी रोटी के पर्व पर क्रूस पर उनकी मृत्यु हुई। हालांकि, रविवार की भोर में, यानी सब्त के दिन के अगले दिन, जो उनकी मृत्यु के बाद तीसरा दिन था, वह मौत की सत्ता पर काबू पाते हुए मरे हुए में से जी उठे। 3,500 वर्ष पहले, इस्राएली मिस्र से बाहर निकल आए थे, लेकिन मिस्री सेना ने उनका पीछा किया था। यह वह दिन था जब इस्राएलियों ने उनसे बचने के बाद, लाल समुद्र पार किया था और समुद्र में से भोर को ज़मीन पर उतर थे। मूसा और इस्राएलियों का लाल समुद्र से भूमि पर उतरना यीशू के पुनरुत्थान को दर्शाता है। जिसका अर्थ बपतिस्मा में दिखता है जिसे अभी हम करते हैं। (रो 6:3–5; 1कुर 10:1–4)

ⓒ 2013 WATV
उस दिन से, जिस दिन इस्राएलियों ने लाल समुद्र पार किया था और समुद्र से भूमि पर उतरे थे, प्रथम फल के पर्व की शुरुआत हुई जो तीन बार में सात पर्वों में से एक है। पुराने नियम में, उस दिन याजक परमेश्वर के सामने गेहूं की उपज के पहले फलों का एक पूला हिलाता था। यीशु मुर्दों में से जी उठे, और जो सो गए थे उनमें वह प्रथम फल हुए। जिस तरह से गेहूं की उपज के पहले फलों का एक पूला पेश करने के बाद उन्हें नई फसल खाने के लिए अनुमति दी जाती थी, मनुष्य जो मौत में ही सीमित है, यीशु मसीह के पुनर्जीवित होने के बाद उनके जी उठने में भाग लेने के द्वारा अंत में स्वर्ग में प्रवेश करने में सक्षम है।(लैव 23:9–14; 1कुर 15:20; मत 27:50)।

पुनरुत्थान के दिन के लिए, माता ने पिता से धन्यवाद की प्रार्थना की जिन्होंने नई वाचा का फसह अपने बच्चों के उद्धार के लिए स्थापित किया और अख़मीरी रोटी के पर्व पर दुख सहन किया और तीन दिन के बाद मृतकों में से जी उठने के बाद हमें पुनरुत्थान की आशा दी है। जैसा बाइबल में लिखा है, माता ने पिता से कहा कि सभी सदस्य जो पुनरुत्थान का दिन रख रहे हैं, उनकी मदद करें ताकि वे पुनरुत्थान की शक्ति प्राप्त कर सकें और अनन्त स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकें और पुनरुत्थान की जीवित आशा के साथ एक विनम्र और धर्मी जीवन के माध्यम से सुंदर प्राणियों में बदल सकें।

सुबह की आराधना के उपदेश के द्वारा, प्रधान पादरी किम जू चिअल ने विस्तार से बाइबल के द्वारा पुनरुत्थान दिन की शुरुआत और अर्थ समझाया। दोपहर की आराधना में, उन्होंने यह कहते हुए उपदेश दिया, “परमेश्वर के लोगों ने मसीह के साथ पुनरुत्थान का वादा प्राप्त किया है, उन्हें कभी भी पाप में शामिल नहीं होना चाहिए, लेकिन हमेशा पवित्र चाल–चलन और धर्मी जीवन जीना चाहिए। शैतान दुनिया को बुराई से और भद्दा बनाता है और परमेश्वर के लोगों को पाप करने के लिए भरमाता है। दुष्ट लोग जो शैतान के साथ हैं, कभी भी परमेश्वर के राज्य के वारिस नहीं हो सकते।आइए हम धर्मी और अच्छे कर्मों के द्वारा परमेश्वर को महिमा दें और धर्मियों के पुनरुत्थान में भाग लें।(कुल 3:1–10; रो 6:6–11; 1कुर 15:31–34; 1कुर 6:9–20)
इस दिन पर, आराधना के बाद सदस्यों ने पुनरुत्थान के दिन की रोटी खाई। ईस्टर के अंडे बाइबल पर आधारित नहीं हैं, लेकिन बुतपरस्त विधि है। जिस दिन पर यीशू जी उठे, वह अपने दो चेलों को दिखाई दिए, लेकिन वे यीशु को पहचान नहीं पाए। यीशू ने उनसे बाइबल के द्वारा मसीह के दुख और महिमा की व्याख्या की, और उन्हें रोटी दी जिसके लिए उन्होंने धन्यवाद दिया था। तब उनकी आंखें खुल गईं और वे उन्हें पहचान पाए।(लूक 24:1–31) बाइबल के इस रिकॉर्ड के आधार पर और मसीह के कामों का पालन करते हुए, चर्च ऑफ गॉड प्रथम चर्च के समय से प्रति वर्ष पुनरुत्थान के दिन पर रोटी लेते हैं।
मसीह का अधिक एहसास करने के लिए और जीवन के पुनरुत्थान में भाग लेने की आशा में, सदस्यों ने रोटी तोड़ी जो उनकी आत्मिक आंखें खोलती है। और अपने परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और परिचितों को पुनरुत्थान दिन की रोटी देकर उन्होंने पर्व की आशीष बांटी।

ⓒ 2013 WATV

चर्च का परिचय वीडियो
CLOSE