I यदि माता परमेश्वर अस्तित्व में है तो विश्वास करेंगे?
तारीख | 02/09/2008
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चाहे परमेश्वर पर विश्वास करते हो या नहीं, यह सामान्य विचार है कि बाइबल परमेश्वर की शिक्षा का मानक है। इस तरह सामाजिक स्वीकृति से अलग होकर बाइबल में डर एक उल्लेख ‘परमेश्वर की इच्छा' है जो अप्रतिबंध अधिकार प्रकट करता है।
साधारण रीति से यदि परमेश्वर पर विश्वास करने वाले जैसे कि बाइबल में लिखा है वैसे नहीं करते हैं तो डांटे जाते हैं, "ऐसा होते हुए कैसे परमेश्वर के विश्वास कहकर न बताना।" कारण क्या है? जवाब सरल है। क्योंकि यह सामान्य विचार और मूल्य से साधारण लोग मानते हैं कि बाइबल पर विश्वास करके उसके जैसा पालन करना है। लगता है कि बाइबल परमेश्वर के विश्वासियों का मानस और चाल चलन करने को नियमित करने की परीभाषी भूमिका काफी समय से निभाते आई है।
अब लेखक विभिन्न बाइबल की शिक्षाओं में से माता परमेश्वर अर्थात् स्वर्गीय माता के विषय में संक्षेप से बताना चाहता हूं। बाइबल में मानव जाति को उद्धार देने वाले परमेश्वर रूप में पिता परमेश्वर के साथ माता परमेश्वर भी स्पष्टतया लिखा है। क्या यह आश्चर्यजनक नहीं है?
यह लगातार प्रचलित विवादास्पद विषय है कि स्त्री आदमी से बराबर या उच्चतर पद पर है। इस सामाजिक मांग के अनुसार परमेश्वर पर विश्वास करने में भी ऐसी विचार की प्रवृत्ति है ‘क्यों परमेश्वर को केवल पिता कहता है? माता भी कही जा सकती है।' इस तरह विचारधारा के परिणाम-स्वरूप में विवादास्पद दावे पर हमारा विशिष्ट सिद्धान्त ऐसे मोह में फंसाने के लिए नहीं है कि लोगों को यह पेश करते हुए चर्च ऑफ गॉड का दूसरे ईसाइयों से अन्तर प्रकशित करे।
लोग समझते हैं कि सारी सृष्ट और वस्तुओं को पिता परमेश्वर ने अकेले बनाया परन्तु बाइबल में सृष्टकर्ता जिसने संसार की सृष्ट की, परमेश्वर वास्तव में पुलिंग परमेश्वर(पिता) जो आदम द्वारा जाना जा सकता है और स्त्री लिंग परमेश्वर(माता) है जो हव्वा द्वारा जाना जा सकता है।(उत 1:26) पुराने नियम में प्रकट हुआ इब्राहीम और सारा प्रतीक थे जो पिता परमेश्वर और माता परमेश्वर को घोषित करें। इस तथ्य की साक्षी चेलों के द्वारा जिन्होंने यीशु की शिक्षा पाई थी स्पष्टतया दी गई।(लूक 16:19, गल 4:26)
इसके अलावा बाइबल में पिता परमेश्वर के साथ जिसे ईसाइयों ने हजारों सालों तक पुकारा, माता परमेश्वर का अस्तित्व, माता परमेश्वर की मानवजाति की ओर भूमिका व मिशन और भविष्यवाणी आदि भिन्न दिशाओं से दृष्टि की जाती है।
बाइबल में स्पष्टतया लिखी हुई स्वर्गीय माता का इनकार क्या हम कर सकते हैं?
चर्च ऑफ गॉड के संतों को यह विश्वास है कि सृष्टिकर्ता जिन्होंने सारी सृष्टि की वे दोनों पुलिंग परमेश्वर और स्त्री लिंग परमेश्वर हैं और वे हमारा उद्धार करने वाले स्वर्गीय पिता और माता हैं, जैसा कि बाइबल लिखा है।
जो परमेश्वर पर विश्वास न करते हैं वे पिता परमेश्वर और माता परमेश्वर के अस्तित्व के बारे में न समझना चाहते और न ग्रहण करते। लेकिन इससे भी कहीं दुखी बात है कि वे परमेश्वर पर और बाइबल पर विश्वास करते हैं, बाइबल में लिखित स्वर्गीय माता परमेश्वर का ग्रहण नहीं करते और झूठा तर्क व चालाकी से बाइबल में कथित माता परमेश्वर के अस्तित्व का इनकार मूर्खतापूर्ण तरीके से करते हैं।
पवित्रशास्त्र जिसे ईसाई पवित्रता से सोचते हैं।
पवित्रशास्त्र प्रत्येक रविवार को चर्च आने – जाने वालों की गोद में रखा हुआ है। चर्च के भीतर भी जो धर्माचार बातचीत करने वालों के कमर में नि:सन्देह पवित्रशास्त्र रखा हुआ है। हर अमेरीका राष्ट्रपति के उद्घाटन समारोह पर भी दाहिने हाथ में बाइबल मिला है।
बाइबल सिर्फ धार्मिक जन का जो परमेश्वर पर विश्वास करते हैं, सजावट नहीं है न?
लेखक आज भी जो मिलते हैं उन्हें पूछना चाहता है।
"नमस्ते, अगर बाइबल में माता परमेश्वर है तो क्या विश्वास करेंगे?"